भारत ने कनाडा भेजा अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल
भारत ने 25 से 27 मई 2026 के बीच व्यापार वार्ता के लिए कनाडा में अपना अब तक का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश प्रतिनिधिमंडल भेजा। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल कर रहे हैं। इसमें विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 100 से अधिक वरिष्ठ उद्योग प्रतिनिधि शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार प्रतिनिधिमंडल में लगभग 150 भारतीय उद्योग जगत के नेता शामिल हैं।
किन क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल
इस व्यापारिक मिशन में ऊर्जा, अवसंरचना, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, निवेश, नवाचार, खनन, ऑटोमोबाइल और एयरोस्पेस क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल कनाडा के ओटावा और टोरंटो शहरों का दौरा कर रहा है। यह यात्रा भारत और कनाडा के बीच आर्थिक सहयोग को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
CEPA समझौते पर फोकस
इस दौरे का मुख्य एजेंडा भारत और कनाडा के बीच Comprehensive Economic Partnership Agreement यानी CEPA पर बातचीत को आगे बढ़ाना है। CEPA एक व्यापक व्यापार समझौता होता है, जिसमें वस्तुओं, सेवाओं, निवेश और आर्थिक सहयोग से जुड़े प्रावधान शामिल होते हैं। दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब कनाडाई डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी उद्देश्य से व्यापारिक संपर्कों और निवेश अवसरों को मजबूत करने पर चर्चा की जा रही है।
कनाडा में प्रमुख बैठकें
पीयूष गोयल की कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनींदर सिद्धू, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ बैठकें निर्धारित हैं। इन बैठकों का उद्देश्य CEPA वार्ताओं को तेज करना और दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाना है।
भारत-कनाडा आर्थिक संबंध
भारत और कनाडा के बीच FY25 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 8.5 अरब डॉलर रहा। मार्च 2026 में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने ऊर्जा, critical minerals, artificial intelligence, तकनीक और रक्षा क्षेत्रों में 5.5 अरब डॉलर के समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। Critical minerals आधुनिक बैटरियों, इलेक्ट्रॉनिक्स, renewable energy systems और रक्षा उपकरणों में उपयोग किए जाते हैं, इसलिए इनका रणनीतिक महत्व लगातार बढ़ रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- CEPA का पूरा नाम Comprehensive Economic Partnership Agreement है।
- कनाडा G7 और Organisation for Economic Co-operation and Development का सदस्य देश है।
- Critical minerals का उपयोग बैटरियों, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उपकरणों में होता है।
- भारत का वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय व्यापार नीति और विदेशी व्यापार वार्ताओं को संभालता है।
भारत का यह बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश माना जा रहा है। यदि CEPA समझौता सफल होता है, तो इससे व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग में बड़ी वृद्धि होने की संभावना है।