मेघालय में पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा ऑर्गेनिक मसाला प्रसंस्करण संयंत्र शुरू
पूर्वोत्तर भारत के कृषि और मसाला उद्योग को नई दिशा देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 19 जून 2026 को मेघालय के री भोई जिले के भोइरिमबोंग में पूर्वोत्तर क्षेत्र के सबसे बड़े ऑर्गेनिक मसाला प्रसंस्करण संयंत्र का उद्घाटन किया। यह अत्याधुनिक संयंत्र ईस्टर्न री भोई ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा स्थापित किया गया है। इसकी वार्षिक प्रसंस्करण क्षमता 10,346 मीट्रिक टन मसालों की है, जिससे क्षेत्र के हजारों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
ऑर्गेनिक मसाला प्रसंस्करण का महत्व
ऑर्गेनिक मसाला प्रसंस्करण में जैविक खेती से उत्पादित मसालों की सफाई, ग्रेडिंग, सुखाने, पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन जैसी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। इससे उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होती है और उन्हें घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेहतर कीमत मिलती है। भारत विश्व के प्रमुख मसाला उत्पादक देशों में से एक है। हल्दी, अदरक, काली मिर्च, इलायची और मिर्च जैसे मसालों का उत्पादन देश के विभिन्न हिस्सों में होता है। विशेष रूप से पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत में मसालों के बड़े उत्पादन केंद्र विकसित हुए हैं, जो निर्यात और घरेलू मांग दोनों को पूरा करते हैं।
मेघालय की जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा
मेघालय लंबे समय से प्राकृतिक और जैविक खेती के लिए जाना जाता है। राज्य में बड़ी संख्या में छोटे और सीमांत किसान कृषि गतिविधियों से जुड़े हैं। यहां की पहाड़ी और वन आधारित कृषि प्रणाली में हल्दी, अदरक, काली मिर्च और तेजपत्ता जैसी फसलों का व्यापक उत्पादन किया जाता है। नया प्रसंस्करण संयंत्र किसानों को अपनी उपज के बेहतर संरक्षण, गुणवत्ता सुधार और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने में मदद करेगा। इससे स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ जैविक कृषि को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
किसान उत्पादक कंपनियों की भूमिका
फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियां (एफपीसी) किसानों द्वारा गठित संगठित संस्थाएं होती हैं, जिन्हें कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत पंजीकृत किया जाता है। इनका उद्देश्य किसानों की उपज को एकत्रित करना, सामूहिक विपणन को बढ़ावा देना और किसानों की सौदेबाजी क्षमता को मजबूत बनाना है। भोइरिमबोंग स्थित यह संयंत्र पूर्वोत्तर क्षेत्र के लगभग 5,500 जैविक किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने वाला है। प्रसंस्करण और बेहतर बाजार संपर्क के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
वित्त मंत्री की मेघालय यात्रा और अन्य परियोजनाएं
मेघालय के दो दिवसीय दौरे के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूर्वोत्तर राज्यों में बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के प्रभावी उपयोग पर आयोजित एक सम्मेलन में भी भाग लिया। इस दौरान उन्होंने 1,200 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे, कृषि, ग्रामीण विकास और आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करना है। सरकार का ध्यान पूर्वोत्तर क्षेत्र को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से और अधिक जोड़ने पर केंद्रित है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- मेघालय पूर्वोत्तर भारत का एक राज्य है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश से लगती है।
- री भोई मेघालय का एक प्रशासनिक जिला है, जबकि भोइरिमबोंग इसकी प्रमुख स्थानीयताओं में से एक है।
- नया ऑर्गेनिक मसाला प्रसंस्करण संयंत्र 10,346 मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता वाला पूर्वोत्तर क्षेत्र का सबसे बड़ा संयंत्र है।
- फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियां कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत पंजीकृत किसान संगठनों का स्वरूप हैं।
मेघालय में स्थापित यह विशाल ऑर्गेनिक मसाला प्रसंस्करण संयंत्र पूर्वोत्तर भारत के कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा, किसानों की आय में वृद्धि होगी और क्षेत्र के मसाला उत्पादों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी। यह परियोजना कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।