मिजोरम जिंजर मिशन से अदरक उत्पादन और निर्यात को बढ़ावा
केंद्र सरकार ने 13 मई 2026 को मिजोरम जिंजर मिशन की शुरुआत की, जिसका कुल बजट 189.79 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। इस परियोजना को “मिजोरम जिंजर यूनिक सेलिंग प्रपोजिशन – सस्टेनेबल कल्टीवेशन एंड वैल्यू चेन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट” नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य मिजोरम के अदरक उत्पादन को आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण और वैश्विक बाजार से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाना है।
मिजो जिंजर और जीआई पहचान
मिजो जिंजर मिजोरम का एक भौगोलिक संकेतक यानी जीआई प्रमाणित कृषि उत्पाद है। जीआई टैग किसी उत्पाद की विशिष्ट गुणवत्ता और उसके भौगोलिक क्षेत्र से जुड़े महत्व को दर्शाता है। सरकार इस मिशन के तहत फार्मा-ग्रेड मिजो जिंजर को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाने की योजना पर कार्य कर रही है। यह पहल मिजोरम के कृषि उत्पादों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में स्थान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
परियोजना के प्रमुख घटक
मिशन के अंतर्गत टिकाऊ खेती, गुणवत्ता नियंत्रण, खाद्य सुरक्षा, कृषि यंत्रीकरण, सौर ऊर्जा आधारित प्रणालियां, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन और प्रसंस्करण सुविधाओं के विकास पर ध्यान दिया जाएगा। पूर्वोत्तर परिषद के फोकस्ड डेवलपमेंट कंपोनेंट के तहत पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन और प्रसंस्करण ढांचे के लिए 30.13 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे भंडारण, ग्रेडिंग और परिवहन सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
मिजोरम का अदरक उत्पादन
नीति आयोग ने वर्ष 2025 में मिजोरम को “जिंजर कैपिटल ऑफ इंडिया” घोषित किया था। राज्य में अदरक की खेती को “बाना काईह” हैंडहोल्डिंग योजना के तहत खरीद प्रणाली से जोड़ा गया है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को न्यूनतम समर्थन और बाजार उपलब्ध कराना है। हालांकि वर्ष 2025 में राज्य सरकार ने अदरक खरीद पर 141.16 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि बिक्री से केवल 12.78 करोड़ रुपये की ही वसूली हो सकी। अप्रैल 2025 तक खरीदे गए 24,298 क्विंटल अदरक में से 18,600 क्विंटल सैरांग स्थित भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में बिना बिके पड़े रहे।
प्रशासनिक निगरानी और सुधार
फरवरी 2026 में कुछ मामलों में बाहरी अदरक को स्थानीय उत्पाद बताकर समर्थन मूल्य योजना का लाभ लेने की कोशिश सामने आई थी। प्रशासन ने समय रहते इन अनियमितताओं की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए, जिसके बाद ही धनराशि जारी की गई। इस मिशन का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से किया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- जीआई टैग किसी उत्पाद की भौगोलिक पहचान और विशेष गुणवत्ता को दर्शाता है।
- पूर्वोत्तर परिषद पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास से जुड़ी एक वैधानिक संस्था है।
- कृषि यंत्रीकरण का अर्थ खेती में मशीनों और आधुनिक उपकरणों का उपयोग करना है।
- पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन में भंडारण, ग्रेडिंग, प्रसंस्करण और परिवहन जैसी गतिविधियां शामिल होती हैं।
मिजोरम जिंजर मिशन राज्य के कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है, बल्कि मिजो जिंजर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक विशिष्ट पहचान भी मिल सकती है।