गुजरात के 34 जिला अस्पतालों में नशामुक्ति केंद्रों से इलाज को नई पहुंच

गुजरात के 34 जिला अस्पतालों में नशामुक्ति केंद्रों से इलाज को नई पहुंच

गुजरात सरकार ने राज्य के सभी 34 जिला अस्पतालों में नशामुक्ति केंद्र स्थापित करने के लिए 14.90 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। यह पहल 2026-27 वित्तीय वर्ष के लिए स्वीकृत की गई है और इसे राज्य के ‘ड्रग-फ्री गुजरात’ अभियान से जोड़ा गया है। इन केंद्रों के जरिए नशे की लत से जूझ रहे लोगों को अस्पताल स्तर पर वैज्ञानिक इलाज, परामर्श और पुनर्वास की सुविधा मिलेगी।

जिला अस्पतालों में मिलेगा समग्र उपचार

प्रस्तावित नशामुक्ति केंद्रों में 15-15 बिस्तरों की व्यवस्था होगी। यहां इनपेशेंट और आउटपेशेंट, दोनों तरह की सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यानी कुछ मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जाएगा, जबकि कुछ को बिना भर्ती किए परामर्श और चिकित्सा सहायता मिलेगी।इन केंद्रों में वैज्ञानिक डिटॉक्सिफिकेशन, नशामुक्ति थेरेपी, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल, परिवार परामर्श और पुनर्वास जैसी सेवाएं शामिल होंगी। उपचार केवल दवा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मरीज की मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक स्थिति को भी ध्यान में रखा जाएगा।

बहु-विषयक टीम से चलेगा इलाज

हर केंद्र में डॉक्टर, नर्स, काउंसलर और मनोवैज्ञानिकों की बहु-विषयक टीम काम करेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नशे की समस्या को केवल चिकित्सा दृष्टि से नहीं, बल्कि व्यवहारिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी संभाला जाए।जिला अस्पताल सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में द्वितीयक स्तर की संस्थाएं होती हैं और जिला स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं देती हैं। ऐसे में इन अस्पतालों में नशामुक्ति केंद्र खुलने से इलाज की पहुंच उन लोगों तक भी बढ़ेगी, जो अब तक बड़े शहरों या निजी संस्थानों पर निर्भर थे।

खरीद, निगरानी और पारदर्शिता पर जोर

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • GeM यानी Government e-Marketplace भारत सरकार का ऑनलाइन सार्वजनिक खरीद पोर्टल है, जिसका उपयोग सरकारी विभाग और संस्थान करते हैं।
  • IPD का अर्थ Inpatient Department है, जहां मरीज को अस्पताल में भर्ती कर इलाज दिया जाता है।
  • OPD का अर्थ Outpatient Department है, जहां मरीज बिना भर्ती हुए परामर्श और उपचार प्राप्त करता है।
  • जिला अस्पताल जिला स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के मुख्य रेफरल अस्पताल माने जाते हैं।

इन केंद्रों के लिए उपकरणों की खरीद Government e-Marketplace यानी GeM पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। परियोजना पर नियमित निगरानी, सामाजिक लेखा-परीक्षा और थर्ड-पार्टी वेरिफिकेशन भी होगा, ताकि काम में पारदर्शिता बनी रहे।यह कदम राज्य में नशा-उपचार को सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे का हिस्सा बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे जिला स्तर पर इलाज की उपलब्धता बढ़ेगी और नशे से प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता मिल सकेगी।

Originally written on July 22, 2026 and last modified on July 22, 2026.

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