केंद्र सरकार ने खरीफ फसलों के MSP में बढ़ोतरी को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने खरीफ फसलों के MSP में बढ़ोतरी को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने 13 मई 2026 को खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने लिया। सरकार के अनुसार संशोधित एमएसपी ढांचे से किसानों को लगभग 2.60 लाख करोड़ रुपये का लाभ मिलने का अनुमान है।

न्यूनतम समर्थन मूल्य क्या है

न्यूनतम समर्थन मूल्य वह सरकारी निर्धारित कीमत होती है, जिस पर सरकार किसानों से चयनित कृषि उपज की खरीद करती है। भारत में 22 अधिसूचित फसलों के लिए एमएसपी घोषित किया जाता है। इनमें 14 खरीफ फसलें, 6 रबी फसलें और 2 वाणिज्यिक फसलें शामिल हैं। खरीफ फसलें दक्षिण-पश्चिम मानसून के साथ बोई जाती हैं और शरद ऋतु में काटी जाती हैं।

प्रमुख खरीफ फसलों के MSP में बढ़ोतरी

सरकार द्वारा घोषित नए एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि सूरजमुखी बीज के लिए की गई, जिसका एमएसपी 622 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया गया। कपास के एमएसपी में 557 रुपये, नाइजरसीड में 515 रुपये और तिल में 500 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई। सामान्य धान का एमएसपी 72 रुपये बढ़ाकर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया, जबकि ग्रेड-ए धान का एमएसपी 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

लागत और लाभ का गणित

एमएसपी संशोधन केंद्र सरकार की उस नीति के अनुरूप किया गया है, जिसके तहत किसानों को उत्पादन लागत का कम से कम डेढ़ गुना मूल्य देने का लक्ष्य रखा गया था। यह घोषणा केंद्रीय बजट 2018-19 में की गई थी। सरकार के अनुसार उत्पादन लागत पर सबसे अधिक लाभ मूंग पर 61 प्रतिशत है। इसके बाद बाजरा और मक्का पर 56 प्रतिशत तथा अरहर पर 54 प्रतिशत लाभ का अनुमान लगाया गया है। बाकी फसलों के लिए यह लाभ लगभग 50 प्रतिशत बताया गया है।

किसान संगठनों की प्रतिक्रिया

कुछ किसान संगठनों, जिनमें भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) भी शामिल है, ने धान के एमएसपी में लगभग 3 प्रतिशत की वृद्धि को अपर्याप्त बताया है। उनका कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, इसलिए एमएसपी में अधिक बढ़ोतरी की जरूरत थी। हालांकि सरकार का दावा है कि यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • एमएसपी भारत सरकार द्वारा 22 फसलों के लिए घोषित किया जाता है।
  • सामान्य धान और ग्रेड-ए धान सरकारी खरीद में उपयोग होने वाली दो अलग श्रेणियां हैं।
  • सूरजमुखी, कपास, नाइजरसीड और तिल खरीफ मौसम की प्रमुख तिलहन और रेशा फसलें हैं।
  • आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति भारत में प्रमुख आर्थिक फैसलों को मंजूरी देने वाली महत्वपूर्ण कैबिनेट समिति है।

खरीफ फसलों के एमएसपी में यह बढ़ोतरी कृषि क्षेत्र में सरकारी समर्थन को दर्शाती है। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है, हालांकि बढ़ती उत्पादन लागत के बीच इस पर बहस जारी रहने की संभावना है।

Originally written on May 15, 2026 and last modified on May 15, 2026.

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