अहमदाबाद-धोलेरा सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना को मंजूरी

अहमदाबाद-धोलेरा सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना को मंजूरी

भारत सरकार ने 13 मई 2026 को अहमदाबाद (सरखेज)–धोलेरा सेमी हाई-स्पीड डबल लाइन रेल परियोजना को मंजूरी दे दी। लगभग 20,667 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत गुजरात में करीब 134 किलोमीटर नई रेलवे लाइन विकसित की जाएगी। इसे स्वदेशी तकनीक से विकसित भारत की पहली सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना माना जा रहा है।

परियोजना का मार्ग और कनेक्टिविटी

यह रेल कॉरिडोर अहमदाबाद, धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन, प्रस्तावित धोलेरा एयरपोर्ट और लोथल नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स को आपस में जोड़ेगा। इस परियोजना का उद्देश्य अहमदाबाद-धोलेरा क्षेत्र में बेहतर रेल संपर्क प्रदान करना और गुजरात के औद्योगिक तथा बुनियादी ढांचे के नेटवर्क को मजबूत बनाना है।

गति और यात्रा समय

परियोजना के तहत ट्रेनों को 220 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति के अनुसार तैयार किया जाएगा, जबकि संचालन गति 200 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। नई रेल लाइन के शुरू होने के बाद साबरमती से धोलेरा तक की यात्रा केवल 48 मिनट में पूरी की जा सकेगी। परियोजना को वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

पीएम गति शक्ति और स्वदेशी तकनीक

यह परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप विकसित की जा रही है। पीएम गति शक्ति एक राष्ट्रीय ढांचा है, जिसका उद्देश्य मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स योजना को बेहतर बनाना है। भारत के सेमी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क में वंदे भारत एक्सप्रेस भी शामिल है, जिसे देश में विकसित आधुनिक उच्च गति यात्री ट्रेन प्रणाली के रूप में देखा जाता है।

वंदे भारत ट्रेन से संबंध

वंदे भारत एक्सप्रेस भारत की प्रमुख सेमी हाई-स्पीड ट्रेन श्रेणी है। इसका स्लीपर प्रोटोटाइप सितंबर 2024 में बीईएमएल द्वारा पेश किया गया था और जनवरी 2026 से इसकी वाणिज्यिक सेवाएं शुरू हुई थीं। नई अहमदाबाद-धोलेरा परियोजना को भारत के स्वदेशी रेल तकनीकी विकास और आधुनिक परिवहन अवसंरचना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

लोथल और धोलेरा का महत्व

धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन गुजरात का एक नियोजित औद्योगिक क्षेत्र है, जिसे स्मार्ट औद्योगिक शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। लोथल सिंधु घाटी सभ्यता का महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थल है, जो समुद्री व्यापार और प्राचीन बंदरगाह संरचना के लिए प्रसिद्ध है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति भारत में प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी देती है।
  • भारत में सेमी हाई-स्पीड रेल का अर्थ पारंपरिक ट्रेनों से तेज लेकिन पूर्ण हाई-स्पीड रेल से कम गति वाली सेवाएं होता है।
  • धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन गुजरात का एक प्रमुख औद्योगिक विकास क्षेत्र है।
  • लोथल समुद्री पुरातत्व और सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है।

अहमदाबाद-धोलेरा सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना भारत के आधुनिक परिवहन नेटवर्क और स्वदेशी रेल तकनीक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे गुजरात के औद्योगिक विकास, पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई गति मिलने की संभावना है।

Originally written on May 15, 2026 and last modified on May 15, 2026.

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