एथेनॉल उत्पादन में मक्का बना भारत का नया आधार

एथेनॉल उत्पादन में मक्का बना भारत का नया आधार

भारत में एथेनॉल उत्पादन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां मक्का अब सबसे बड़ा फीडस्टॉक बनकर उभरा है। एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में मक्का आधारित एथेनॉल उत्पादन 182 करोड़ लीटर तक पहुंच गया। इसी अवधि में देश की कुल एथेनॉल आपूर्ति 515 करोड़ लीटर से अधिक रही, जो निर्धारित अनुबंधित मात्रा का लगभग 49 प्रतिशत है। यह बदलाव भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य और ईंधन मिश्रण कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एथेनॉल उत्पादन में बढ़ी मक्का की भूमिका

भारत में एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ना और अनाज आधारित फीडस्टॉक से किया जाता है। पहले गन्ना आधारित एथेनॉल का वर्चस्व था, लेकिन अब अनाज आधारित डिस्टिलरी तेजी से विस्तार कर रही हैं। नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के दौरान अनाज आधारित डिस्टिलरी ने लगभग 333 करोड़ लीटर एथेनॉल का योगदान दिया, जिसमें मक्का सबसे आगे रहा। मक्का एक प्रमुख खाद्यान्न फसल है, जिसका उपयोग भोजन, पशु आहार, स्टार्च और औद्योगिक अल्कोहल उत्पादन में किया जाता है। इसकी खेती कम समय में तैयार हो जाती है और कई क्षेत्रों में साल में एक से अधिक बार की जा सकती है। यही कारण है कि इसे एथेनॉल उद्योग के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है।

गन्ने की तुलना में कम पानी की जरूरत

मक्का की सबसे बड़ी विशेषता इसकी कम जल आवश्यकता है। गन्ने की खेती में अत्यधिक सिंचाई की जरूरत पड़ती है, जबकि मक्का अपेक्षाकृत कम पानी में भी अच्छी पैदावार दे सकता है। जल संकट से जूझ रहे राज्यों में मक्का आधारित एथेनॉल उत्पादन को टिकाऊ विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। भारत सरकार पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण यानी ई20 लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में एथेनॉल उपलब्ध कराना जरूरी है, और मक्का इस आवश्यकता को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

उत्तर प्रदेश में बढ़ेगी मक्का खेती

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2026-27 के लिए मक्का खेती का लक्ष्य बढ़ाकर 11.3 लाख हेक्टेयर करने की योजना बनाई है। राज्य में बड़ी संख्या में अनाज आधारित डिस्टिलरी मौजूद हैं, जिससे मक्का की मांग लगातार बढ़ रही है। इससे किसानों को बेहतर बाजार और आय के अवसर मिलने की संभावना है। ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, एथेनॉल आपूर्ति वर्ष 2025-26 में मक्का ने एथेनॉल उत्पादन के मामले में गन्ने को पीछे छोड़ दिया है। यह भारत की जैव ईंधन नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारत में एथेनॉल आपूर्ति वर्ष नवंबर से अक्टूबर तक माना जाता है।
  • मक्का को कॉर्न भी कहा जाता है और यह पोएसी कुल की फसल है।
  • ई20 का अर्थ पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण होता है।
  • गन्ना भारत में शीरा आधारित एथेनॉल का प्रमुख स्रोत रहा है।

मक्का आधारित एथेनॉल उत्पादन में तेजी भारत की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे देश को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ आयातित तेल पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।

Originally written on May 13, 2026 and last modified on May 13, 2026.

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