भारत ने शुरू किया भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल

भारत ने शुरू किया भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल

भारत सरकार ने 12 मई 2026 को नई दिल्ली में भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (बीएमआईपी) की शुरुआत की। यह व्यवस्था भारतीय जहाजों और समुद्री व्यापार को अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर बीमा सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाई गई है। खासतौर पर युद्ध जोखिम और उच्च जोखिम वाले समुद्री क्षेत्रों में संचालित जहाजों को इससे बड़ा सहारा मिलेगा। इस पूल का कुल मूल्य 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर रखा गया है, जबकि इसमें 1.4 अरब डॉलर की संप्रभु गारंटी भी शामिल है।

क्या है भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल

भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल एक घरेलू समुद्री बीमा व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य भारतीय जहाजों और समुद्री व्यापार को विदेशी बीमा कंपनियों पर निर्भरता से मुक्त करना है। इस पूल के तहत हुल एंड मशीनरी बीमा, कार्गो बीमा, प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी यानी पी एंड आई बीमा तथा वॉर रिस्क बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 में इस योजना को मंजूरी दी थी। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री क्षेत्रों में बढ़ते खतरे के कारण बीमा प्रीमियम में भारी वृद्धि हो रही थी। इसी स्थिति को देखते हुए भारत ने अपना स्वतंत्र समुद्री बीमा ढांचा तैयार किया।

कैसे काम करेगा यह बीमा पूल

जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी जीआईसी री इस पूल का संचालन करेगा। इसमें शामिल बीमा कंपनियां अपनी संयुक्त अंडरराइटिंग क्षमता के आधार पर बीमा पॉलिसियां जारी करेंगी। यह पूल अपने संसाधनों से 100 मिलियन डॉलर तक के दावों का निपटान कर सकता है। यदि किसी बड़ी दुर्घटना या युद्ध जैसी स्थिति में दावा राशि इससे अधिक हो जाती है, तो संप्रभु गारंटी को बैकअप के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इससे भारतीय जहाजों और कंपनियों को कठिन परिस्थितियों में भी वित्तीय सुरक्षा मिलेगी।

समुद्री बीमा के प्रमुख प्रकार

हुल एंड मशीनरी बीमा जहाज और उसके उपकरणों को होने वाले नुकसान को कवर करता है। कार्गो बीमा समुद्र के रास्ते भेजे जाने वाले सामान की सुरक्षा देता है। प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी बीमा तीसरे पक्ष की देनदारियों जैसे प्रदूषण, टक्कर या चोट से जुड़े दावों को कवर करता है। वॉर रिस्क बीमा युद्ध, समुद्री डकैती, आतंकवाद और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में होने वाले नुकसान से सुरक्षा प्रदान करता है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में इस प्रकार का बीमा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारत पहले ऐसा प्रमुख देश था जिसके पास अपना पी एंड आई क्लब नहीं था।
  • न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने बीएमआईपी के तहत पहली मरीन हुल एंड मशीनरी वॉर पॉलिसी जारी की।
  • होगर ऑफशोर एंड मरीन प्राइवेट लिमिटेड को पहली वॉर पॉलिसी दस्तावेज प्राप्त हुआ।
  • समुद्री बीमा अंतरराष्ट्रीय व्यापार और जहाज संचालन के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।

भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल की शुरुआत भारत के समुद्री व्यापार और रणनीतिक आर्थिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे भारतीय कंपनियों को वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित और भरोसेमंद बीमा व्यवस्था उपलब्ध होगी तथा विदेशी बीमा कंपनियों पर निर्भरता भी कम होगी।

Originally written on May 13, 2026 and last modified on May 13, 2026.

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