भारत-ओमान सीईपीए से व्यापार को मिलेगा नया विस्तार
भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता यानी सीईपीए अब अंतिम रूप ले चुका है। यह समझौता 1 जून 2026 से लागू होने की संभावना है। दोनों देशों ने दिसंबर 2025 में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जबकि ओमान ने फरवरी 2026 में शाही आदेश के जरिए इसे मंजूरी प्रदान की। इस समझौते को भारत और ओमान के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
क्या होता है मुक्त व्यापार समझौता
मुक्त व्यापार समझौता यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट दो या अधिक देशों के बीच किया जाने वाला ऐसा व्यापारिक समझौता होता है, जिसके तहत वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाले सीमा शुल्क को कम या समाप्त किया जाता है। इससे व्यापार आसान और सस्ता हो जाता है। सीईपीए सामान्य एफटीए की तुलना में अधिक व्यापक समझौता होता है। इसमें केवल वस्तुओं का व्यापार ही नहीं, बल्कि सेवाएं, निवेश, आर्थिक सहयोग और व्यापार सुविधा जैसे कई अन्य क्षेत्र भी शामिल होते हैं।
भारत-ओमान सीईपीए की प्रमुख विशेषताएं
इस समझौते के तहत भारत को ओमान में अपने 98 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। इससे भारतीय वस्त्र उद्योग, कृषि उत्पाद और चमड़ा उद्योग को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। भारतीय कंपनियों को ओमान के बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्राप्त होगी। वहीं भारत भी ओमान से आने वाले कुछ उत्पादों पर शुल्क में कमी करेगा। इनमें खजूर, संगमरमर और पेट्रोकेमिकल उत्पाद प्रमुख हैं। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन और आर्थिक सहयोग को मजबूती मिलेगी।
भारत-ओमान व्यापार संबंध
भारत और ओमान के बीच लंबे समय से मजबूत व्यापारिक और रणनीतिक संबंध रहे हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 10.61 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। 12 मई 2026 को नई दिल्ली में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच व्यापार सुविधा और आर्थिक सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा भी हुई। ओमान खाड़ी क्षेत्र में भारत का महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है। ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार और निवेश के क्षेत्र में दोनों देशों के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सीईपीए का पूरा नाम कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट है।
- ओमान ने फरवरी 2026 में शाही आदेश के जरिए इस समझौते को मंजूरी दी।
- भारत को ओमान में 98 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी।
- भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में लगभग 10.61 अरब डॉलर रहा।
भारत-ओमान सीईपीए से दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में नई गति आने की उम्मीद है। यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा करेगा और खाड़ी क्षेत्र में भारत की आर्थिक उपस्थिति को और मजबूत बनाएगा।