माइक्रोसॉफ्ट की Maia 300 से एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई ताकत

माइक्रोसॉफ्ट की Maia 300 से एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई ताकत

माइक्रोसॉफ्ट ने 12 अक्टूबर 2026 को Maia 300 पेश की, जो उसका तीसरी पीढ़ी का कस्टम एआई एक्सेलेरेटर है। कंपनी 2027 से Azure में इसकी बड़े पैमाने पर तैनाती शुरू करने की योजना बना रही है। लक्ष्य दस लाख से अधिक चिप लगाने और कई गीगावाट क्षमता तक विस्तार करने का है। यह पहल एआई सेवाओं के लिए जरूरी गणना क्षमता और ऊर्जा दक्षता को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच आई है।

एआई अनुमान कार्यों के लिए तैयार चिप

Maia 300 को मुख्य रूप से एआई अनुमान यानी इन्फरेंस के लिए बनाया गया है। इस प्रक्रिया में पहले से प्रशिक्षित एआई मॉडल नए इनपुट के आधार पर उत्तर या अन्य नतीजे तैयार करता है। लंबे संदर्भ पर विचार करना, बातचीत में कम विलंब बनाए रखना और कई चरणों वाले एआई एजेंट के काम इसके लक्षित उपयोगों में शामिल हैं।

माइक्रोसॉफ्ट इसे अपने Copilot और GitHub Copilot जैसे उत्पादों के साथ-साथ Azure पर उपलब्ध OpenAI मॉडलों के लिए इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। कंपनी का अनुमान है कि Maia 300, अग्रणी जीपीयू-आधारित प्रणालियों की तुलना में प्रति मेगावाट 40 प्रतिशत अधिक टोकन संसाधित कर सकेगी। हालांकि, तुलना के लिए इस्तेमाल की गई प्रणालियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। टोकन वे इकाइयां हैं जिनमें एआई मॉडल पाठ या अन्य डेटा को संसाधित करते हैं।

Maia परिवार की पिछली चिप Maia 200 पहले से Microsoft Copilot को शक्ति दे रही है और कंपनी की MAI टीम के काम में सहायक है। माइक्रोसॉफ्ट के अनुसार, 2026 के अंत तक GitHub Copilot और Microsoft Foundry में भी Maia 200 का उपयोग शुरू करने की योजना है।

चिपलेट संरचना और तेज मेमोरी

Maia 300 में बहु-चिपलेट डिजाइन अपनाया गया है। इसमें अलग-अलग विशेषताओं वाले गणना घटकों को एक ही प्रोसेसर पैकेज में जोड़ा जाता है। इसके गणना चिपलेट TSMC की N2P निर्माण प्रक्रिया पर आधारित हैं, जिसे दो नैनोमीटर श्रेणी की प्रक्रिया बताया गया है।

चिप में आठ HBM4 मेमोरी स्टैक हैं, जिनकी कुल क्षमता 288 गीगाबाइट और बैंडविड्थ 18 टेराबाइट प्रति सेकंड है। उच्च बैंडविड्थ वाली यह मेमोरी एआई गणनाओं के दौरान बड़ी मात्रा में डेटा तेजी से उपलब्ध कराने में मदद करती है। इस तरह Maia 300 एक विशाल गणना डाई पर निर्भर रहने के बजाय गणना चिपलेट और तेज मेमोरी को एक कस्टम एक्सेलेरेटर में जोड़ती है।

रैक क्षमता और बिजली की जरूरत

हर Maia 300 रैक में 96 एक्सेलेरेटर रखने की व्यवस्था होगी और उसकी बिजली सीमा 167 किलोवाट होगी। लगभग 10,400 ऐसे रैक में करीब दस लाख एक्सेलेरेटर समा सकते हैं; इनके लिए लगभग 1.7 गीगावाट बिजली की जरूरत पड़ेगी। माइक्रोसॉफ्ट ने 2027 से Azure में Maia की तैनाती को कई गीगावाट तक बढ़ाने की योजना बताई है। इतने बड़े विस्तार में चिप क्षमता के साथ बिजली और डेटा सेंटर ढांचे की उपलब्धता भी अहम होगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • Maia 300 माइक्रोसॉफ्ट का तीसरी पीढ़ी का कस्टम एआई एक्सेलेरेटर है।
  • इसके गणना चिपलेट TSMC की N2P, दो नैनोमीटर श्रेणी की प्रक्रिया से बने हैं।
  • एक रैक में 96 एक्सेलेरेटर और 167 किलोवाट की बिजली सीमा निर्धारित है।
  • आठ HBM4 स्टैक कुल 288 गीगाबाइट क्षमता और 18 टेराबाइट प्रति सेकंड बैंडविड्थ देते हैं।

Maia 300 की तैनाती माइक्रोसॉफ्ट की क्लाउड सेवाओं में एआई गणना को बड़े पैमाने पर संभालने की योजना का हिस्सा है। इसकी वास्तविक ऊर्जा दक्षता और प्रदर्शन का आकलन तैनाती तथा उपलब्ध तुलनात्मक आंकड़ों के बाद किया जा सकेगा।

Originally written on October 13, 2026 and last modified on October 13, 2026.

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