गुजरात में अमृत 2.0 के 497 प्रोजेक्ट पूरे, शहरी सेवाओं को मिला विस्तार
गुजरात ने 5 नवंबर 2026 तक अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) 2.0 के तहत 4,832 करोड़ रुपये की लागत वाली 497 परियोजनाएं पूरी कर लीं। इन कार्यों में पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, झीलों के पुनर्जीवन और उद्यान विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।
पेयजल आपूर्ति में बढ़ी क्षमता
राज्य में 2,937 करोड़ रुपये की लागत से 224 जलापूर्ति परियोजनाएं पूरी हुईं। इनके जरिए जल शोधन क्षमता में प्रतिदिन 539 मिलियन लीटर की वृद्धि हुई और 2,128 किलोमीटर लंबा वितरण नेटवर्क तैयार किया गया। इन परियोजनाओं से 2.72 लाख से अधिक घरों को नल कनेक्शन मिले और लगभग 23.87 लाख नागरिकों को लाभ पहुंचा।
शहरी जलापूर्ति का विस्तार घरों तक नियमित पेयजल पहुंचाने और बढ़ती आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए अहम है। नए वितरण नेटवर्क और शोधन क्षमता से नगरों में जल सेवाओं का दायरा बढ़ा है।
सीवरेज नेटवर्क और उपचार क्षमता का विस्तार
गुजरात के 31 अमृत शहरों में 1,500 करोड़ रुपये की लागत से 77 सीवरेज परियोजनाएं पूरी की गईं। इनसे प्रतिदिन 162 मिलियन लीटर सीवेज उपचार क्षमता जुड़ी और 931 किलोमीटर का सीवरेज नेटवर्क विकसित हुआ। एक लाख से अधिक घरों को सीवरेज कनेक्शन दिए गए, जिनसे करीब 31.76 लाख नागरिकों को सेवा मिल रही है।
शहरों में सीवेज का संग्रह और उपचार सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा शहरी पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है। नई क्षमता और नेटवर्क से अधिक घरों को सीवरेज व्यवस्था से जोड़ने का आधार तैयार हुआ है।
झीलों और उद्यानों पर भी जोर, परियोजनाओं की समयसीमा बढ़ी
परियोजनाओं में 301 करोड़ रुपये की लागत से 78 झीलों के पुनर्जीवन से जुड़े 97 कार्य शामिल हैं। इसके अलावा 94 करोड़ रुपये से उद्यान विकास के 99 कार्य पूरे हुए, जिनसे 87 नए उद्यान और पार्क बने। ये सुविधाएं शहरों में सार्वजनिक स्थानों और हरित क्षेत्रों का विस्तार करती हैं।
अमृत 2.0 मूल रूप से 31 मार्च 2026 तक चलना था। वित्त मंत्रालय ने पहले से चल रही परियोजनाओं को पूरा करने की समयसीमा वित्त वर्ष 2026–27 तक बढ़ा दी है। अब इन कार्यों को पूरा करने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2027 है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अमृत 2.0 की शुरुआत 1 अक्टूबर 2021 को केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने की थी।
- मिशन का उद्देश्य शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार और नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम बनाना है।
- राज्य की वार्षिक कार्ययोजना में मिशन के शहरों की सेवा-सुधार योजनाओं को समेकित किया जाता है।
- शहर स्तर पर नगर निकायों को कर्मचारियों और तकनीकी सहायता देने के लिए नगर मिशन प्रबंधन इकाइयों का प्रस्ताव किया गया है।
गुजरात के आंकड़े अमृत 2.0 के तहत पेयजल और सीवरेज सेवाओं के विस्तार के साथ शहरी सार्वजनिक स्थानों के विकास को भी रेखांकित करते हैं।