महाराष्ट्र में किसान कर्जमाफी की पहली किस्त से राहत की शुरुआत
महाराष्ट्र सरकार ने 7 अगस्त 2026 से पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमाफी योजना के तहत सीधे बैंक खातों में राशि भेजनी शुरू कर दी। पहली चरण की इस प्रक्रिया में 6.2 लाख से अधिक पात्र किसान खातों को शामिल किया गया है। यह योजना अल्पकालिक फसल ऋणों के बोझ को कम करने के लिए तैयार की गई है और राज्य में कृषि ऋण राहत की बड़ी पहल मानी जा रही है।
योजना का दायरा और राहत की शर्तें
इस कर्जमाफी योजना के तहत 2 लाख रुपये तक के अल्पकालिक फसल ऋण माफ किए जा रहे हैं। इसके लिए पात्र ऋण अवधि 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 तक तय की गई है। सरकार ने यह भी प्रावधान किया है कि जो किसान नियमित रूप से ऋण चुकाते रहे और डिफॉल्ट नहीं किया, उन्हें 50,000 रुपये तक का प्रोत्साहन लाभ मिल सकता है।
यह योजना उन किसानों के लिए खास है जिन पर मौसम, बाजार और लागत के दबाव के कारण समय पर ऋण चुकाने की चुनौती रही है। सीधे खाते में भुगतान की व्यवस्था से प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने की कोशिश की गई है।
जांच, छंटनी और अपात्रता के नियम
राज्य ने शुरुआती जांच के लिए लगभग 18 लाख से 19 लाख खातों की पहचान की थी। इनमें से करीब 12 लाख खातों को त्रुटि सत्यापन के लिए बैंकों के पास वापस भेजा गया, क्योंकि कई मामलों में डुप्लीकेट प्रविष्टियां, नामों में असंगति और ऐसे प्रकरण सामने आए जिनमें खाताधारक की मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन जमीन का हस्तांतरण नहीं हुआ था।
सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल के अनुसार 1.40 लाख किसानों को कर्जमाफी सूची से बाहर रखा गया। इनमें 94,000 आयकरदाता शामिल थे, जिनकी पहचान केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की सूचना के आधार पर की गई, जबकि 46,000 लोग प्रशासनिक या तकनीकी विसंगतियों के कारण अपात्र पाए गए। इसके अलावा 2,000 से अधिक जनप्रतिनिधियों, जिनमें मंत्री, सांसद और विधायक शामिल हैं, को भी योजना से बाहर रखा गया है। सरकारी अधिकारी और स्थानीय निकायों के कर्मचारी भी इस लाभ के दायरे में नहीं हैं।
लागू करने की प्रक्रिया और राजनीतिक पृष्ठभूमि
महाराष्ट्र सरकार ने इस कर्जमाफी ढांचे को 2 जून 2026 को लागू किया था। इसका वादा महायुति गठबंधन के 2024 विधानसभा चुनाव घोषणापत्र में किया गया था। 23 जुलाई 2026 को छह जिलों में पहले 500 सत्यापित लाभार्थियों के साथ पायलट रोलआउट शुरू किया गया।
6 अगस्त 2026 तक राज्य के आंकड़ों के अनुसार लगभग 32 लाख प्रस्तुत फसल ऋण खातों में से 12.10 लाख खातों की आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। इसके बाद 7 अगस्त से पहली चरण की प्रत्यक्ष राशि अंतरण प्रक्रिया शुरू की गई।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमाफी योजना महाराष्ट्र की कृषि ऋण राहत योजना है।
- इस योजना में 2 लाख रुपये तक के अल्पकालिक फसल ऋण शामिल हैं।
- पात्र ऋण अवधि 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 तक तय की गई है।
- लाभार्थी सत्यापन में आधार प्रमाणीकरण का उपयोग किया जा रहा है।
इस पहल से राज्य के लाखों किसानों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि सत्यापन और अपात्रता की सख्त प्रक्रिया यह दिखाती है कि सरकार लाभ को केवल वास्तविक पात्र किसानों तक सीमित रखना चाहती है।