मनोहारी गोल्ड टी: असम की दुर्लभ और विश्व प्रसिद्ध प्रीमियम चाय

मनोहारी गोल्ड टी: असम की दुर्लभ और विश्व प्रसिद्ध प्रीमियम चाय

मनोहारी गोल्ड टी भारत के असम स्थित मनोहारी टी एस्टेट में तैयार की जाने वाली एक अत्यंत दुर्लभ और प्रीमियम स्पेशलिटी चाय है। यह चाय अपनी सीमित उत्पादन क्षमता, पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया और उत्कृष्ट स्वाद के कारण देश-विदेश में विशेष पहचान रखती है। हाल के वर्षों में इस चाय ने कई राष्ट्रीय नीलामी रिकॉर्ड बनाए हैं और जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो को उपहार स्वरूप भेंट किए जाने के बाद इसकी वैश्विक प्रतिष्ठा और भी बढ़ गई है।

मनोहारी गोल्ड टी की विशेषताएं

मनोहारी गोल्ड टी का उत्पादन केवल पी126 टी क्लोन की कोमल कलियों से किया जाता है। इसकी पूरी निर्माण प्रक्रिया पारंपरिक तरीकों पर आधारित होती है, जिसमें हाथों से कलियों की तुड़ाई, हाथों से रोलिंग तथा प्राकृतिक धूप में सुखाने की विधि अपनाई जाती है। यह चाय मुख्य रूप से जून महीने में आने वाले सेकंड फ्लश सीजन के दौरान तैयार की जाती है, जब चाय की पत्तियों का स्वाद और गुणवत्ता अपने सर्वोत्तम स्तर पर होती है। इस दुर्लभ चाय का दैनिक उत्पादन लगभग 25 ग्राम ही होता है, जिससे इसकी विशिष्टता और बाजार में मांग दोनों बढ़ जाती हैं।

नीलामी में बनाए ऐतिहासिक रिकॉर्ड

मनोहारी गोल्ड टी ने भारतीय चाय उद्योग में कई उल्लेखनीय नीलामी रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। दिसंबर 2022 में यह चाय टी इनटेक निजी नीलामी पोर्टल पर 1.15 लाख रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर बिकी, जिसे हैदराबाद के कैफे निलोफर के लिए आर.के. टी सेल्स ने खरीदा। इससे पहले दिसंबर 2021 में गौहाटी टी ऑक्शन सेंटर में इसकी 1 किलोग्राम मात्रा 99,999 रुपये प्रति किलोग्राम में नीलाम हुई थी। वहीं जनवरी 2024 में मनोहारी गोल्ड स्पेशलिटी टी 75,000 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर गौहाटी टी ऑक्शन सेंटर में बिकी। ये रिकॉर्ड इस चाय की गुणवत्ता और वैश्विक मांग को दर्शाते हैं।

असम का चाय उद्योग और वैश्विक पहचान

असम भारत का सबसे बड़ा चाय उत्पादक राज्य है और यह सीटीसी तथा स्पेशलिटी दोनों प्रकार की चाय के लिए प्रसिद्ध है। यहां का सेकंड फ्लश सीजन प्रीमियम गुणवत्ता वाली चाय के उत्पादन के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। गौहाटी टी ऑक्शन सेंटर भारत के प्रमुख चाय नीलामी केंद्रों में शामिल है। यह केंद्र चाय की ग्रेडिंग, मूल्य निर्धारण और व्यापार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो को मनोहारी गोल्ड टी उपहार में देना भारतीय चाय उद्योग और असम की पारंपरिक चाय शिल्पकला की अंतरराष्ट्रीय पहचान का महत्वपूर्ण उदाहरण माना गया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • असम भारत का सबसे बड़ा चाय उत्पादक राज्य है और सीटीसी तथा स्पेशलिटी चाय के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
  • सेकंड फ्लश सीजन सामान्यतः मई से जून के बीच आता है और इस दौरान तैयार चाय बेहतर स्वाद एवं सुगंध के लिए जानी जाती है।
  • गौहाटी टी ऑक्शन सेंटर भारत के प्रमुख चाय नीलामी केंद्रों में से एक है, जहां चाय की गुणवत्ता के आधार पर मूल्य तय किए जाते हैं।
  • हाथों से तुड़ाई और हाथों से रोलिंग जैसी पारंपरिक विधियां प्रीमियम गुणवत्ता वाली चाय के निर्माण में महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

मनोहारी गोल्ड टी केवल एक प्रीमियम पेय नहीं, बल्कि असम की समृद्ध चाय परंपरा, उत्कृष्ट कारीगरी और भारतीय कृषि उत्पादों की वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक है। सीमित उत्पादन, पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान इसे दुनिया की सबसे विशिष्ट चाय किस्मों में स्थान दिलाती है।

Originally written on July 15, 2026 and last modified on July 15, 2026.

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