भारत में ईवी बैटरी मांग 2032 तक 200 GWh पहुंचने का अनुमान

भारत में ईवी बैटरी मांग 2032 तक 200 GWh पहुंचने का अनुमान

भारत में इलेक्ट्रिक वाहन यानी ईवी बैटरियों की मांग आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ने की संभावना है। एक अध्ययन के अनुसार देश में ईवी बैटरी की मांग वर्ष 2025 के 20 गीगावॉट-घंटे से बढ़कर 2032 तक 200 गीगावॉट-घंटे तक पहुंच सकती है। यह अध्ययन इंडियन एनर्जी एलायंस और कस्टमाइज्ड एनर्जी सॉल्यूशंस से जुड़ा है, जिसे जुलाई 2026 में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 12वें इंडिया एनर्जी स्टोरेज वीक में जारी किया जाएगा।

भारत के ईवी बाजार का विस्तार

अध्ययन के अनुसार सात वर्षों में बैटरी मांग में दस गुना वृद्धि दर्ज हो सकती है। वर्ष 2025 में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 25 लाख इकाइयों से अधिक रही। इनमें इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री लगभग 15 लाख और इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहनों की बिक्री करीब 7 लाख इकाइयों तक पहुंची। भारत के ईवी बाजार में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन सबसे बड़ा खंड बने हुए हैं। वहीं आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक कारों और हल्के व्यावसायिक वाहनों से मांग में और तेजी आने की संभावना है।

बैटरी तकनीक में बदलाव

वर्तमान में इलेक्ट्रिक दोपहिया बैटरी बाजार में एनएमसी यानी निकेल मैंगनीज कोबाल्ट तकनीक की हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत है। दूसरी ओर एलएफपी यानी लिथियम आयरन फॉस्फेट तकनीक अन्य ईवी क्षेत्रों में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। अध्ययन में एलएमएफपी, सॉलिड-स्टेट और सोडियम-आयन जैसी नई बैटरी तकनीकों का भी उल्लेख किया गया है, जिन्हें भविष्य की ऊर्जा भंडारण प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मोटर तकनीक की स्थिति

ईवी मोटर तकनीक में बीएलडीसी मोटर का इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में 71 प्रतिशत हिस्सा है। वहीं इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों में पीएमएसएम मोटर की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से अधिक बताई गई है। इन तकनीकों का उपयोग वाहनों की ऊर्जा दक्षता, प्रदर्शन और बैटरी उपयोग क्षमता को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है।

स्थानीय उत्पादन और सप्लाई चेन

अध्ययन में भारत के ईवी पारिस्थितिकी तंत्र में कंपोनेंट लोकलाइजेशन और सप्लाई चेन विकास पर विशेष जोर दिया गया है। बैटरी निर्माण, कंपोनेंट उत्पादन और रणनीतिक औद्योगिक विकास को लेकर 2034 तक की संभावनाओं का भी विश्लेषण किया गया है। सरकार और उद्योग जगत आत्मनिर्भर ईवी बैटरी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रहे हैं, जिससे आयात पर निर्भरता कम की जा सके।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • GWh यानी गीगावॉट-घंटा बैटरी ऊर्जा क्षमता मापने की इकाई है।
  • NMC का अर्थ निकेल मैंगनीज कोबाल्ट और LFP का अर्थ लिथियम आयरन फॉस्फेट है।
  • BLDC का पूरा नाम ब्रशलेस डायरेक्ट करंट मोटर है।
  • PMSM का अर्थ परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस मोटर होता है।

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता और बैटरी तकनीक में हो रहे बदलाव ऊर्जा क्षेत्र में बड़े परिवर्तन का संकेत दे रहे हैं। आने वाले वर्षों में ईवी बैटरी उत्पादन, स्थानीय विनिर्माण और नई तकनीकों का विकास भारत की हरित अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकता है।

Originally written on May 15, 2026 and last modified on May 15, 2026.

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