भारत का पहला परीक्षण सेवा उत्पादन सूचकांक जारी, सेवा क्षेत्र की वृद्धि का मिलेगा मासिक आकलन
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने 14 जुलाई 2026 को भारत का पहला परीक्षण सेवा उत्पादन सूचकांक (इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन-आईएसपी) जारी किया। अप्रैल 2026 के लिए जारी यह परीक्षण सूचकांक देश के औपचारिक सेवा क्षेत्र में होने वाले मासिक उत्पादन परिवर्तनों का आकलन करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह सूचकांक 2024-25 को आधार वर्ष मानते हुए 19 औपचारिक सेवा उप-क्षेत्रों को शामिल करता है और भविष्य में समग्र सेवा उत्पादन सूचकांक विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सेवा उत्पादन सूचकांक क्या है?
सेवा उत्पादन सूचकांक एक मासिक आर्थिक संकेतक है, जो औपचारिक सेवा क्षेत्र के उत्पादन में होने वाले अल्पकालिक परिवर्तनों को मापता है। इसका उद्देश्य भारत के सेवा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों का नियमित और व्यवस्थित आकलन करना है। यह सूचकांक औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) का पूरक है। जहां आईआईपी औद्योगिक उत्पादन में बदलाव को मापता है, वहीं आईएसपी सेवा क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों की प्रगति को दर्शाता है। इससे नीति निर्माताओं, अर्थशास्त्रियों और निवेशकों को अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति का अधिक व्यापक विश्लेषण करने में सहायता मिलेगी।
कवरेज और आधार वर्ष
आईएसपी के पहले परीक्षण संस्करण में 19 औपचारिक सेवा उप-क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जो भारत की औपचारिक सेवा अर्थव्यवस्था का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा दर्शाते हैं। इस सूचकांक का आधार वर्ष 2024-25 निर्धारित किया गया है, जिसके आधार पर विभिन्न महीनों के प्रदर्शन की तुलना की जाएगी। सेवा क्षेत्र में व्यापार, परिवहन, आवास एवं भोजन सेवाएं, रियल एस्टेट, प्रशासनिक एवं सहयोगी सेवाएं सहित कई महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधियां शामिल हैं, जिनका देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है।
अप्रैल 2026 के प्रमुख आंकड़े
अप्रैल 2026 के परीक्षण आंकड़ों के अनुसार 19 में से 14 सेवा उप-क्षेत्रों ने अप्रैल 2025 की तुलना में दोहरे अंक की वार्षिक वृद्धि दर्ज की। सबसे अधिक वृद्धि आवास एवं भोजन सेवाओं में 37.2 प्रतिशत रही। इसके बाद खुदरा व्यापार में 30.8 प्रतिशत, प्रशासनिक एवं सहयोगी सेवाओं में 28.7 प्रतिशत तथा रियल एस्टेट क्षेत्र में 27.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि सभी क्षेत्रों का प्रदर्शन सकारात्मक नहीं रहा। अप्रैल 2026 में हवाई परिवहन क्षेत्र में 13.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि रेलवे परिवहन में 0.4 प्रतिशत की मामूली कमी देखने को मिली।
सेवा क्षेत्र के लिए महत्व
आईएसपी के माध्यम से भारत के सेवा क्षेत्र की मासिक प्रगति का अधिक सटीक और समयबद्ध आकलन संभव होगा। यह सूचकांक राष्ट्रीय आय के आकलन, क्षेत्रीय विश्लेषण तथा अल्पकालिक आर्थिक रुझानों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अनुसार यह फिलहाल एक परीक्षण सूचकांक है और भविष्य में समग्र सेवा उत्पादन सूचकांक के विकास का आधार बनेगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) भारत में आधिकारिक सांख्यिकीय आंकड़ों का प्रमुख मंत्रालय है।
- सेवा उत्पादन सूचकांक के लिए तकनीकी सलाहकार समिति का गठन मई 2025 में किया गया था।
- सेवा उप-क्षेत्रों के मासिक सूचकांक प्रत्येक माह की 29 तारीख को जारी किए जाने की योजना है।
- भारत का सेवा क्षेत्र व्यापार, परिवहन, आवास, रियल एस्टेट और सहयोगी सेवाओं सहित देश की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा योगदानकर्ता माना जाता है।
भारत का पहला परीक्षण सेवा उत्पादन सूचकांक देश की आर्थिक सांख्यिकी प्रणाली में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे सेवा क्षेत्र की गतिविधियों की नियमित निगरानी, बेहतर आर्थिक विश्लेषण और अधिक प्रभावी नीतिगत निर्णय लेने में सहायता मिलेगी, जिससे भारत की तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था का अधिक सटीक मूल्यांकन संभव हो सकेगा।