बेंगलुरु में 2024 में सबसे अधिक साइबर अपराध दर्ज

बेंगलुरु में 2024 में सबसे अधिक साइबर अपराध दर्ज

भारत में साइबर अपराध के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है और वर्ष 2024 में बेंगलुरु देश के महानगरों में सबसे अधिक साइबर अपराध दर्ज करने वाला शहर बन गया। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी National Crime Records Bureau की “क्राइम इन इंडिया 2024” रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु में वर्ष 2024 के दौरान 17,561 साइबर अपराध मामले दर्ज किए गए। यह आंकड़ा देश के अन्य महानगरों की तुलना में सबसे अधिक है। शहर में प्रति एक लाख जनसंख्या पर साइबर अपराध दर 206.6 दर्ज की गई, जो इसकी गंभीरता को दर्शाती है।

साइबर अपराध क्या है

साइबर अपराध ऐसे अपराधों को कहा जाता है जो कंप्यूटर, मोबाइल, डिजिटल नेटवर्क, इंटरनेट या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किए जाते हैं। इसमें ऑनलाइन धोखाधड़ी, पहचान चोरी, बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग और डिजिटल ठगी जैसे अपराध शामिल होते हैं। इंटरनेट और डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़े हैं।

बेंगलुरु में साइबर अपराध के प्रमुख आंकड़े

रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु में वर्ष 2023 में 17,631 साइबर अपराध मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2024 में यह संख्या मामूली रूप से घटकर 17,561 रही। हालांकि, यह संख्या अभी भी देश के महानगरों में सबसे अधिक है। इन मामलों में सबसे बड़ा हिस्सा ऑनलाइन धोखाधड़ी का रहा। वर्ष 2024 में बेंगलुरु में 16,842 मामले धोखाधड़ी से जुड़े थे। वहीं कंप्यूटर से संबंधित अपराधों की संख्या 17,310 दर्ज की गई। इसके अलावा, 16,657 मामलों में कंप्यूटर संसाधनों का उपयोग करके प्रतिरूपण यानी फर्जी पहचान बनाकर धोखाधड़ी की गई।

कर्नाटक और राष्ट्रीय स्तर की स्थिति

राज्य स्तर पर कर्नाटक में 2024 के दौरान 21,993 साइबर अपराध मामले दर्ज किए गए, जिससे यह देश के प्रमुख साइबर अपराध प्रभावित राज्यों में शामिल हो गया। राष्ट्रीय स्तर पर भी साइबर अपराध में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। भारत में वर्ष 2023 में 86,420 साइबर अपराध मामले दर्ज हुए थे, जो 2024 में बढ़कर 1,01,928 हो गए। इस प्रकार एक वर्ष में लगभग 17.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह बढ़ोतरी डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग और साइबर सुरक्षा चुनौतियों की ओर संकेत करती है।

चार्जशीटिंग दर और जांच की स्थिति

बेंगलुरु में साइबर अपराध मामलों की चार्जशीटिंग दर वर्ष 2024 में 24.2 प्रतिशत रही। चार्जशीटिंग दर का अर्थ उन मामलों के प्रतिशत से है जिनमें पुलिस जांच पूरी करके अदालत में आरोप पत्र दाखिल करती है। कम चार्जशीटिंग दर यह दर्शाती है कि साइबर अपराधों की जांच तकनीकी रूप से जटिल और समय लेने वाली होती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो हर वर्ष “क्राइम इन इंडिया” रिपोर्ट प्रकाशित करता है।
  • साइबर अपराध में कंप्यूटर, इंटरनेट, मोबाइल या डिजिटल नेटवर्क का उपयोग किया जाता है।
  • वर्ष 2024 में बेंगलुरु ने भारतीय महानगरों में सबसे अधिक साइबर अपराध दर दर्ज की।
  • ऑनलाइन फ्रॉड और प्रतिरूपण आधारित धोखाधड़ी भारत में साइबर अपराध की प्रमुख श्रेणियां हैं।

भारत में डिजिटल तकनीक और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। बेंगलुरु जैसे तकनीकी शहरों में बढ़ते साइबर अपराध यह संकेत देते हैं कि मजबूत साइबर सुरक्षा व्यवस्था, जागरूकता अभियान और तेज जांच प्रक्रिया की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है।

Originally written on May 7, 2026 and last modified on May 7, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *