तमिलनाडु की ‘वेत्री वानमगल’ योजना से महिला किसानों को ड्रोन तकनीक का सहारा

तमिलनाडु की ‘वेत्री वानमगल’ योजना से महिला किसानों को ड्रोन तकनीक का सहारा

तमिलनाडु ने कृषि में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और महिला किसानों की भागीदारी मजबूत करने के लिए ‘वेत्री वानमगल’ योजना शुरू की है। 2026-27 कृषि बजट में घोषित यह पहल महिला किसानों और अन्य पात्र प्रतिभागियों को कृषि ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण देने, ड्रोन पायलट लाइसेंस दिलाने में मदद करने और खेती में आधुनिक उपकरणों तक पहुंच आसान बनाने पर केंद्रित है।

योजना का उद्देश्य और दायरा

इस योजना के तहत कुल 500 लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिनमें 100 महिलाएं शामिल होंगी। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री आर. विनोथ ने इस पहल को प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसका मकसद खेती को अधिक कुशल, तकनीक-आधारित और महिला-केंद्रित बनाना है। ड्रोन तकनीक का उपयोग अब केवल निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छिड़काव, मैपिंग, फसल आकलन और सटीक खेती जैसे कामों में भी तेजी से उपयोगी हो रही है।

प्रशिक्षण, लाइसेंस और वित्तीय सहायता

राज्य सरकार ने इस प्रशिक्षण के लिए 1.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। प्रशिक्षण तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय के Remote Pilot Training Organisation के माध्यम से कराया जाएगा, जो राज्य में कृषि शिक्षा और अनुसंधान का प्रमुख संस्थान है। योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि प्रशिक्षण के बाद ड्रोन पायलट लाइसेंस प्राप्त करने में भी सहायता दी जाएगी, ताकि प्रशिक्षित महिलाएं और अन्य प्रतिभागी व्यावहारिक रूप से इस तकनीक का उपयोग कर सकें।इसके अलावा, राज्य निधि से 2.50 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं, जिसके तहत 50 प्रशिक्षित महिलाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे प्रशिक्षण और उपकरण, दोनों स्तरों पर सहायता मिलेगी और योजना केवल कौशल विकास तक सीमित नहीं रहेगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका

यह योजना ऐसे समय में आई है जब ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। कृषि में ड्रोन का उपयोग श्रम की बचत, समय की बचत और सटीक छिड़काव जैसे लाभ देता है। इससे छोटे और मध्यम किसानों को भी तकनीक का लाभ मिल सकता है। संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किया है, और तमिलनाडु की यह पहल उसी व्यापक सोच से मेल खाती दिखती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • तमिलनाडु भारत का दक्षिणी राज्य है और इसकी राजधानी चेन्नई है।
  • तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय कोयंबटूर में स्थित एक प्रमुख कृषि संस्थान है।
  • ड्रोन पायलट लाइसेंस नागरिक उड्डयन नियमों के तहत रिमोट एयरक्राफ्ट संचालन के लिए जारी किया जाता है।
  • कृषि ड्रोन सटीक खेती का हिस्सा हैं, जिसमें तकनीक के जरिए खेत प्रबंधन किया जाता है।

कुल मिलाकर, ‘वेत्री वानमगल’ योजना तमिलनाडु में कृषि, कौशल और महिला सशक्तिकरण को एक साथ जोड़ने वाली पहल है। यह राज्य में तकनीक-आधारित खेती की दिशा में एक व्यावहारिक कदम माना जा रहा है।

Originally written on August 6, 2026 and last modified on August 6, 2026.

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