असम में 7 लाख छात्रों के लिए नई छात्र-कल्याण योजनाओं की शुरुआत

असम में 7 लाख छात्रों के लिए नई छात्र-कल्याण योजनाओं की शुरुआत

असम सरकार ने 6 अगस्त 2026 को गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में तीन छात्र-कल्याण योजनाओं के लिए आवेदन पत्रों का वितरण शुरू किया। इन योजनाओं का लक्ष्य 2026-27 शैक्षणिक सत्र में करीब 7 लाख विद्यार्थियों तक सहायता पहुंचाना है। इनमें छात्राओं के लिए मुख्यमंत्री निजुत मोइना, छात्रों के लिए मुख्यमंत्री निजुत बाबू और अध्ययन सामग्री के लिए शिक्षार्थी सहाय प्रायस (SSP) शामिल हैं।

छात्राओं के लिए बढ़ी हुई मासिक सहायता

मुख्यमंत्री निजुत मोइना असम सरकार की एक महिला-केंद्रित वित्तीय सहायता योजना है। संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, पात्र छात्राओं को कक्षा 11-12 और पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रमों के लिए 800 रुपये प्रतिमाह, स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए 1,250 रुपये प्रतिमाह तथा स्नातकोत्तर और बीएड पाठ्यक्रमों के लिए 2,500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। यह सहायता हर शैक्षणिक वर्ष में अधिकतम 10 महीनों तक दी जाएगी।

यह योजना उच्चतर माध्यमिक, तकनीकी, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई करने वाली छात्राओं को कवर करती है। सरकार का उद्देश्य आर्थिक बाधाओं के कारण पढ़ाई बीच में न छूटे, यह सुनिश्चित करना है।

छात्रों और अध्ययन सामग्री के लिए अलग प्रावधान

पुरुष विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री निजुत बाबू योजना उन परिवारों के लिए है जिनकी वार्षिक आय 4 लाख रुपये से कम है। इस योजना के तहत स्नातक छात्रों को 1,000 रुपये प्रतिमाह और स्नातकोत्तर छात्रों को 2,000 रुपये प्रतिमाह सहायता मिलेगी।

वहीं शिक्षार्थी सहाय प्रायस (SSP) के तहत अध्ययन सामग्री के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसमें उच्चतर माध्यमिक छात्रों को 1,000 रुपये, स्नातक छात्रों को 3,000 रुपये और स्नातकोत्तर छात्रों को 5,000 रुपये मिलेंगे। यह सहायता किताबों, नोट्स और अन्य शैक्षणिक जरूरतों के लिए उपयोगी मानी जा रही है।

आवेदन प्रक्रिया और वितरण व्यवस्था

असम सरकार ने 452 शैक्षणिक संस्थानों में भौतिक रूप से आवेदन पत्र वितरण की व्यवस्था की है। कॉलेजों और SCERT संस्थानों में यह प्रक्रिया 6 अगस्त से शुरू हुई, जबकि माध्यमिक और तकनीकी स्कूलों में 7 अगस्त से वितरण आरंभ किया गया। ऑनलाइन आवेदन के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल 14 अगस्त 2026 को खोला जाएगा। इसके बाद 17 अगस्त से 10 सितंबर 2026 तक संस्थागत सत्यापन किया जाएगा।

यह पूरी व्यवस्था इस तरह बनाई गई है कि आवेदन, सत्यापन और लाभ वितरण की प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी रहे।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र गुवाहाटी, असम में स्थित एक प्रमुख सांस्कृतिक परिसर है।
  • डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के तहत सरकारी लाभ सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजे जाते हैं।
  • पॉलिटेक्निक शिक्षा आमतौर पर कक्षा 10 या 12 के बाद डिप्लोमा स्तर की तकनीकी पढ़ाई होती है।
  • बीएड (B.Ed.) का पूरा नाम Bachelor of Education है, जो शिक्षक प्रशिक्षण की पेशेवर डिग्री है।

इसी कार्यक्रम के साथ असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित स्कूलों और छात्रों के लिए भी सहायता जारी की। सिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट के 793 बाढ़-प्रभावित स्कूलों को DBT के जरिए 15.86 करोड़ रुपये दिए गए, जबकि 21,025 बाढ़-पीड़ित छात्रों को शैक्षणिक सामग्री के लिए 4.26 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई।

Originally written on August 7, 2026 and last modified on August 7, 2026.

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