भारत में बनेगी मिका मिसाइल की एमआरओ सुविधा

भारत में बनेगी मिका मिसाइल की एमआरओ सुविधा

यूरोपीय मिसाइल निर्माता कंपनी एमबीडीए और भारतीय वायु सेना के बीच 6 मई 2026 को एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ। इस समझौते के तहत भारत में मिका एयर-टू-एयर मिसाइल प्रणाली के लिए घरेलू स्तर पर मेंटेनेंस, रिपेयर और मिड-लाइफ ओवरहॉल सुविधा स्थापित की जाएगी। यह कदम भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

क्या है मिका मिसाइल प्रणाली

मिका एक फ्रांसीसी मूल की आधुनिक एयर-टू-एयर मिसाइल है, जिसे कम दूरी और बियॉन्ड-विजुअल-रेंज दोनों प्रकार की लड़ाइयों के लिए विकसित किया गया है। भारतीय वायु सेना इसका उपयोग राफेल लड़ाकू विमानों और अपग्रेड किए गए मिराज 2000 विमानों पर करती है। मिराज 2000 अपग्रेड कार्यक्रम के बाद यह मिसाइल वर्ष 2016 में भारतीय वायु सेना में शामिल की गई थी।

एमआरओ सुविधा का महत्व

मेंटेनेंस, रिपेयर और मिड-लाइफ ओवरहॉल यानी एमआरओ रक्षा उपकरणों की सेवा अवधि बढ़ाने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। मिसाइल प्रणालियों में एमआरओ के तहत निरीक्षण, मरम्मत, पुर्जों का प्रतिस्थापन, परीक्षण और पुनर्निर्माण जैसे कार्य किए जाते हैं। नई सुविधा भारतीय वायु सेना द्वारा स्थापित और संचालित की जाएगी, जबकि एमबीडीए तकनीकी सहायता, मशीनरी, प्रशिक्षण और विशेष समर्थन उपलब्ध कराएगी।

आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिलेगा बल

यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी क्षमता निर्माण को मजबूत करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2020 में आत्मनिर्भर भारत पहल शुरू की थी, जिसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में देश की निर्भरता कम करना है। रक्षा क्षेत्र में इसका विशेष ध्यान घरेलू उत्पादन, मरम्मत और तकनीकी क्षमता के विकास पर है।

भारत में बढ़ेगी तकनीकी विशेषज्ञता

नई एमआरओ सुविधा से मिसाइलों की तकनीकी विशेषज्ञता और रखरखाव क्षमता भारत के भीतर विकसित होगी। इससे विदेशी निर्भरता कम होगी और भारतीय रक्षा उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। भारतीय वायु सेना के लिए यह सुविधा संचालन लागत घटाने और मिसाइलों की उपलब्धता बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।

भारतीय वायु सेना और एमबीडीए का सहयोग

एमबीडीए पिछले 50 वर्षों से भारतीय वायु सेना के साथ विभिन्न मिसाइल प्रणालियों के माध्यम से जुड़ी हुई है। कंपनी ने मेटेओर, एएसआरएएएम और मिस्ट्राल जैसी मिसाइल प्रणालियों में भी सहयोग किया है। मिका मिसाइल के लिए घरेलू एमआरओ क्षमता स्थापित करना दोनों पक्षों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • मिका मिसाइल का उपयोग भारतीय वायु सेना राफेल और मिराज 2000 विमानों पर करती है।
  • एमबीडीए यूरोप की प्रमुख मिसाइल निर्माण कंपनी है।
  • मिड-लाइफ ओवरहॉल सैन्य उपकरणों की सेवा अवधि बढ़ाने की मानक प्रक्रिया है।
  • आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत वर्ष 2020 में की गई थी।

भारत में मिका मिसाइल के लिए एमआरओ सुविधा की स्थापना रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे न केवल भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमता मजबूत होगी, बल्कि देश में रक्षा तकनीक और विशेषज्ञता का विकास भी तेज होगा।

Originally written on May 7, 2026 and last modified on May 7, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *