नई दिल्ली में राइस ट्रेड का बड़ा वैश्विक मंच, BIRC 2026 पर दुनिया की नजर

नई दिल्ली में राइस ट्रेड का बड़ा वैश्विक मंच, BIRC 2026 पर दुनिया की नजर

भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन (BIRC) 2026 इस बार चावल व्यापार से जुड़े वैश्विक संवाद का बड़ा मंच बनने जा रहा है। यह आयोजन 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा। भारतीय चावल निर्यातक महासंघ (IREF) द्वारा आयोजित यह सम्मेलन चावल उद्योग, निर्यात, कीमतों के अनुमान और आपूर्ति-श्रृंखला से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहेगा।

चावल व्यापार के लिए क्यों अहम है यह सम्मेलन

BIRC को चावल क्षेत्र के लिए एक व्यापारिक मंच के रूप में देखा जा रहा है, जहां निर्यातक, खरीदार और उद्योग से जुड़े हितधारक एक साथ चर्चा करेंगे। 2026 संस्करण को 120 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के लिए वैश्विक मंच के रूप में तैयार किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों से न केवल व्यापारिक संपर्क मजबूत होते हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग, आपूर्ति और मूल्य-निर्धारण की दिशा भी समझ में आती है। चावल भारत के कृषि निर्यात का एक प्रमुख हिस्सा है और यह देश की कृषि-व्यापार नीति तथा खाद्य सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है और हर साल 170 से अधिक देशों को 2 करोड़ मीट्रिक टन से ज्यादा चावल भेजता है।

भागीदारी और बाजार से जुड़े संकेत

आयोजकों के अनुसार BIRC 2026 में 30,000 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। 3 अगस्त 2026 तक पंजीकरण 19,193 तक पहुंच चुके थे, जिनमें 2,135 अंतरराष्ट्रीय खरीदार शामिल थे। यह आंकड़ा बताता है कि चावल व्यापार को लेकर वैश्विक स्तर पर रुचि लगातार बढ़ रही है। सम्मेलन में एक समन्वित वैश्विक फसल सर्वेक्षण और भविष्य की चावल कीमतों के अनुमान पर भी चर्चा होगी। यह पहल खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चावल की कीमतें केवल उत्पादन पर नहीं, बल्कि वैश्विक मांग, भंडार स्तर और मौसम जैसी परिस्थितियों पर भी निर्भर करती हैं।

पिछले संस्करण से क्या मिला संकेत

BIRC का पहला संस्करण 30 और 31 अक्टूबर 2025 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित हुआ था। उस आयोजन में 10,854 आगंतुक शामिल हुए थे, जिनमें 1,083 अंतरराष्ट्रीय खरीदार 90 से अधिक देशों से आए थे। BIRC 2025 के दौरान 33,453 करोड़ रुपये यानी लगभग 3.02 अरब अमेरिकी डॉलर के व्यापारिक समझौते हुए थे। इन समझौतों का दायरा करीब 8.63 मिलियन मीट्रिक टन चावल तक फैला था। इससे यह स्पष्ट हुआ कि भारत के चावल निर्यात की वैश्विक मांग कितनी मजबूत है और ऐसे मंच व्यापार विस्तार में कितनी भूमिका निभा सकते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक है।
  • चावल भारत के प्रमुख कृषि निर्यात उत्पादों में शामिल है।
  • BIRC 2026 का आयोजन 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में होगा।
  • BIRC 2025 में 33,453 करोड़ रुपये के व्यापारिक समझौते हुए थे।

वैश्विक खाद्य व्यापार में चावल की भूमिका बहुत बड़ी है, इसलिए BIRC जैसे सम्मेलन भारत की निर्यात क्षमता, बाजार पहुंच और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक स्थिति को और मजबूत करने में अहम साबित हो सकते हैं।

Originally written on August 6, 2026 and last modified on August 6, 2026.

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