संबलपुर में नया डॉप्लर रडार, पश्चिमी ओडिशा की मौसम निगरानी मजबूत

संबलपुर में नया डॉप्लर रडार, पश्चिमी ओडिशा की मौसम निगरानी मजबूत

ओडिशा के संबलपुर में भारत का 51वां डॉप्लर मौसम रडार शुरू किया गया है। जमादरपाली में स्थापित यह रडार मिशन मौसम के तहत मेक इन इंडिया पहल का हिस्सा है और पश्चिमी ओडिशा के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में मौसम की सटीक निगरानी को नई मजबूती देगा।

मौसम पूर्वानुमान में रडार की भूमिका

डॉप्लर मौसम रडार वायुमंडल में मौजूद वर्षा कणों और बादलों की गति को डॉप्लर प्रभाव के जरिए मापता है। इसी तकनीक से तेज बारिश, गरज-चमक, ओलावृष्टि और तूफानी गतिविधियों की पहचान की जाती है। संबलपुर रडार 250 किलोमीटर के दायरे में मौसम संबंधी डेटा देगा और इसकी रेजोल्यूशन 150 मीटर है। यह हर 10 मिनट में अपडेट उपलब्ध कराएगा, जिससे अल्पकालिक पूर्वानुमान यानी नाउकास्टिंग और अधिक प्रभावी होगी।

पश्चिमी ओडिशा के लिए क्यों अहम

यह रडार ओडिशा का तीसरा डॉप्लर रडार है। इससे पहले पारादीप और गोपालपुर में ऐसे रडार लगाए जा चुके हैं। नया रडार पश्चिमी ओडिशा के 13 जिलों को कवर करेगा और छत्तीसगढ़ तथा झारखंड के कुछ हिस्सों तक भी इसकी निगरानी पहुंचेगी। मahanadi basin में फसलों की सुरक्षा, हिराकुड जलाशय क्षेत्र में जल प्रबंधन और आपदा-पूर्व चेतावनी के लिहाज से यह व्यवस्था बेहद उपयोगी मानी जा रही है।

मिशन मौसम और राष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार

मिशन मौसम, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय से जुड़ी केंद्र सरकार की पहल है, जिसका उद्देश्य रडार, उपग्रह और अन्य अवलोकन प्रणालियों का विस्तार करना है। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार, देशभर में 40 से 50 और डॉप्लर रडार लगाने की योजना है। लक्ष्य अगले दो वर्षों में राष्ट्रीय रडार नेटवर्क को लगभग 100 रडार तक पहुंचाना है। इससे मौसम पूर्वानुमान, आपदा प्रबंधन और कृषि सलाह सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • डॉप्लर मौसम रडार वर्षा कणों और हवा की गति को मापने के लिए डॉप्लर प्रभाव का उपयोग करता है।
  • संबलपुर रडार ओडिशा का तीसरा डॉप्लर रडार है; राज्य में पहले से पारादीप और गोपालपुर में रडार मौजूद हैं।
  • यह रडार 250 किलोमीटर तक मौसम की निगरानी कर सकता है और 150 मीटर की रेजोल्यूशन देता है।
  • मिशन मौसम, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय से जुड़ी एक केंद्रीय पहल है, जिसका लक्ष्य मौसम सेवाओं को अधिक सटीक बनाना है।

संबलपुर में विकास परियोजनाओं की भी सौगात

इसी कार्यक्रम के दौरान संबलपुर में 50 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास भी किया गया। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 960 करोड़ रुपये बताई गई है। इससे क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, संबलपुर में नया डॉप्लर रडार न केवल ओडिशा की मौसम निगरानी क्षमता बढ़ाता है, बल्कि पूर्वी भारत में समय रहते चेतावनी देने वाली प्रणाली को भी अधिक मजबूत बनाता है।

Originally written on September 17, 2026 and last modified on September 17, 2026.

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