बिहार में शुरू हुई मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026
बिहार सरकार ने राज्य में पर्यटन को नई दिशा देने के उद्देश्य से 12 जुलाई 2026 को पटना में मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026 की शुरुआत की है। यह योजना पर्यटन विभाग और नागरिक उड्डयन विभाग की संयुक्त पहल है, जिसके तहत पर्यटकों को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रियायती हेलीकॉप्टर और हवाई पर्यटन सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच को आसान बनाना और बिहार में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
इस योजना के तहत राज्य सरकार प्रत्येक टिकट पर अधिकतम ₹15,422 तक की सब्सिडी प्रदान करेगी। हेलीकॉप्टर सेवा की ऑनलाइन बुकिंग 13 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है, जबकि नियमित संचालन 18 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगा। शुरुआती चरण में यह सेवा प्रत्येक शनिवार और रविवार को संचालित की जाएगी। सरकार का लक्ष्य भविष्य में इस सेवा का विस्तार कर इसे अधिक नियमित बनाना है।
पहले चरण में शामिल मार्ग और किराया
योजना के प्रथम चरण में पटना को तीन प्रमुख पर्यटन स्थलों से जोड़ा गया है—
- पटना – वाल्मीकिनगर : ₹5,000
- पटना – राजगीर : ₹4,000
- पटना – मां मुंडेश्वरी मंदिर (कैमूर) : ₹6,000
- पटना शहर का लगभग 10 मिनट का जॉय राइड : ₹2,100
इन सेवाओं के माध्यम से पर्यटक कम समय में राज्य के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच सकेंगे।
संचालन व्यवस्था
वाल्मीकिनगर मार्ग पर राज्य सरकार का विमान संचालित किया जाएगा। वहीं कैमूर और राजगीर मार्गों के लिए किराये पर लिया गया 6+2 सीटर हेलीकॉप्टर उपयोग में लाया जाएगा। प्रत्येक फेरी में अधिकतम पांच पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था रहेगी, जिससे सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित की जा सके।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- बिहार पूर्वी भारत का एक स्थलरुद्ध (लैंडलॉक्ड) राज्य है और इसकी राजधानी पटना है।
- वाल्मीकिनगर पश्चिम चंपारण जिले में स्थित है और यह वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के लिए प्रसिद्ध है।
- मां मुंडेश्वरी मंदिर कैमूर जिले में स्थित है और इसे भारत के सबसे प्राचीन सक्रिय मंदिरों में से एक माना जाता है।
- राजगीर नालंदा जिले का ऐतिहासिक नगर है, जिसका बौद्ध और जैन धर्म दोनों से गहरा संबंध है।
- हेली-टूरिज्म ऐसी पर्यटन सेवा है जिसमें हेलीकॉप्टर के माध्यम से कम दूरी की यात्रा और हवाई दर्शनीय भ्रमण कराया जाता है।
बिहार की यह नई हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। बेहतर हवाई संपर्क से धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी, जिससे पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।