फ्रांस के नीस शहर में शुरू हुई UPI सेवा, भारतीय पर्यटकों को मिलेगा डिजिटल भुगतान का लाभ

फ्रांस के नीस शहर में शुरू हुई UPI सेवा, भारतीय पर्यटकों को मिलेगा डिजिटल भुगतान का लाभ

भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहुंच का और विस्तार किया है। 16 जून 2026 को फ्रांस के नीस शहर स्थित गैलेरीज़ लाफायेत नीस मासेना (Galeries Lafayette Nice Massena) में यूपीआई सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस पहल का नेतृत्व भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने किया। यह सुविधा एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और फ्रांसीसी भुगतान सेवा प्रदाता लायरा कलेक्ट (Lyra Collect) के सहयोग से शुरू की गई।

क्या है यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI)?

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) भारत की एक त्वरित और रियल-टाइम डिजिटल भुगतान प्रणाली है, जिसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने विकसित किया है। यह प्रणाली उपयोगकर्ताओं को मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से सीधे बैंक-से-बैंक धन हस्तांतरण की सुविधा प्रदान करती है। यूपीआई के माध्यम से व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) और व्यापारी भुगतान (P2M) दोनों किए जा सकते हैं। क्यूआर कोड आधारित भुगतान और विभिन्न बैंकिंग प्लेटफॉर्मों के बीच पारस्परिक संचालन (Interoperability) इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं।

फ्रांस में यूपीआई का विस्तार

फ्रांस में यूपीआई की शुरुआत पहले भी हो चुकी है। वर्ष 2024 में पेरिस स्थित एफिल टॉवर पर यूपीआई भुगतान सुविधा शुरू की गई थी। इसके बाद अब नीस के प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र गैलेरीज़ लाफायेत में इसकी उपलब्धता ने फ्रांस में यूपीआई नेटवर्क के विस्तार को नई गति दी है। यह कदम भारतीय पर्यटकों और यात्रियों के लिए फ्रांस में भुगतान प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाएगा।

गैलेरीज़ लाफायेत नीस मासेना

गैलेरीज़ लाफायेत नीस मासेना फ्रांस के नीस शहर का एक प्रमुख डिपार्टमेंटल स्टोर और शॉपिंग केंद्र है। यहां 600 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय ब्रांड उपलब्ध हैं। यूपीआई के एकीकरण के बाद भारतीय ग्राहक अपने परिचित डिजिटल भुगतान माध्यम का उपयोग कर सीधे खरीदारी कर सकेंगे। इससे मुद्रा विनिमय और कार्ड भुगतान से जुड़ी कई जटिलताएं कम होंगी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर UPI की पहुंच

जून 2026 तक यूपीआई निम्नलिखित नौ देशों में संचालित हो रहा है—

  • सिंगापुर
  • संयुक्त अरब अमीरात
  • फ्रांस
  • मॉरीशस
  • नेपाल
  • भूटान
  • कतर
  • श्रीलंका
  • कंबोडिया

यह विस्तार भारत की डिजिटल भुगतान तकनीक की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।

NIPL और Lyra Collect की भूमिका

एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL), NPCI की अंतरराष्ट्रीय शाखा है, जो भारत की डिजिटल भुगतान प्रणालियों को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने का कार्य करती है। वहीं लायरा कलेक्ट फ्रांस की एक प्रमुख डिजिटल भुगतान सेवा प्रदाता कंपनी है, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन भुगतान प्रसंस्करण सेवाएं उपलब्ध कराती है। दोनों संस्थाओं के सहयोग से फ्रांस में यूपीआई भुगतान व्यवस्था को लागू किया गया है।

भारत-फ्रांस डिजिटल सहयोग

फ्रांस में यूपीआई की बढ़ती स्वीकार्यता भारत और फ्रांस के बीच डिजिटल सहयोग को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल सीमा-पार डिजिटल भुगतान, वित्तीय नवाचार और भुगतान प्रणालियों के बीच पारस्परिक संचालन को बढ़ावा देती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • यूपीआई सेवा 16 जून 2026 को गैलेरीज़ लाफायेत नीस मासेना में शुरू की गई।
  • यूपीआई का विकास नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने किया है।
  • NIPL, NPCI की अंतरराष्ट्रीय शाखा है।
  • लायरा कलेक्ट फ्रांस की भुगतान सेवा प्रदाता कंपनी है।
  • यूपीआई एक रियल-टाइम डिजिटल भुगतान प्रणाली है।
  • फ्रांस में यूपीआई की पहली प्रमुख तैनाती 2024 में एफिल टॉवर पर हुई थी।
  • जून 2026 तक यूपीआई नौ देशों में संचालित हो रहा है।
  • गैलेरीज़ लाफायेत नीस मासेना में 600 से अधिक ब्रांड उपलब्ध हैं।

फ्रांस के नीस शहर में यूपीआई सेवा की शुरुआत भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति की वैश्विक सफलता का प्रतीक है। यह पहल भारतीय यात्रियों के लिए भुगतान को सरल बनाने के साथ-साथ भारत और फ्रांस के बीच डिजिटल आर्थिक सहयोग को भी नई मजबूती प्रदान करती है।

Originally written on June 17, 2026 and last modified on June 17, 2026.

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