प्लास्टिनेशन के जनक गुंथर फॉन हेगेंस का निधन, शरीर संरक्षित करने की तकनीक से बदली चिकित्सा शिक्षा

प्लास्टिनेशन के जनक गुंथर फॉन हेगेंस का निधन, शरीर संरक्षित करने की तकनीक से बदली चिकित्सा शिक्षा

जर्मन एनाटॉमिस्ट और प्लास्टिनेशन तकनीक के आविष्कारक डॉ. गुंथर फॉन हेगेंस का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने 24 जुलाई 2026 को जर्मनी के हीडलबर्ग में अंतिम सांस ली। 23 जुलाई को उन्हें मस्तिष्क में रक्तस्राव हुआ था। फॉन हेगेंस को मानव शरीर की संरचना को समझने के तरीके में एक अलग पहचान देने वाले वैज्ञानिक के रूप में याद किया जाता है।

प्लास्टिनेशन ने शरीर रचना विज्ञान को नई दिशा दी

गुंथर फॉन हेगेंस ने 1977 में प्लास्टिनेशन की खोज की थी। यह एक ऐसी संरक्षण तकनीक है, जिसमें शरीर के तरल पदार्थों को तरल प्लास्टिक से बदल दिया जाता है। इससे शरीर या उसके अंग लंबे समय तक सुरक्षित रखे जा सकते हैं और उन्हें शैक्षणिक अध्ययन के लिए उपयोग किया जा सकता है। चिकित्सा शिक्षा और एनाटॉमी के क्षेत्र में यह तकनीक बेहद महत्वपूर्ण मानी गई।प्लास्टिनेशन ने पारंपरिक संरक्षित नमूनों की तुलना में अधिक स्थायी और स्पष्ट प्रदर्शन संभव किया। इसी वजह से इसे मेडिकल कॉलेजों, शोध संस्थानों और प्रदर्शनी प्रारूपों में व्यापक पहचान मिली।

बॉडी वर्ल्ड्स प्रदर्शनी से मिली वैश्विक पहचान

फॉन हेगेंस की सबसे चर्चित पहल Body Worlds प्रदर्शनी रही, जिसकी शुरुआत 1995 में जापान में हुई थी। इन प्रदर्शनों में संरक्षित मानव शरीरों को इस तरह प्रस्तुत किया जाता है कि दर्शक शरीर की आंतरिक संरचना, मांसपेशियों, अंगों और तंत्रों को समझ सकें। अब तक इन प्रदर्शनियों को दुनिया भर में 5.8 करोड़ से अधिक लोग देख चुके हैं।इन प्रदर्शनों ने विज्ञान संचार और जन-जागरूकता के क्षेत्र में भी बहस और रुचि दोनों पैदा कीं। समर्थकों के अनुसार, इससे आम लोगों को मानव शरीर की कार्यप्रणाली समझने में मदद मिली, जबकि आलोचकों ने नैतिक पहलुओं पर सवाल उठाए।

बीमारी, संस्थागत विरासत और अंतिम इच्छा

फॉन हेगेंस को 2008 में पार्किंसंस रोग का पता चला था। यह एक प्रगतिशील तंत्रिका संबंधी बीमारी है, जो गति, बोलने की क्षमता और मोटर नियंत्रण को प्रभावित करती है। उनके जीवन के अंतिम वर्षों में भी उनकी वैज्ञानिक विरासत चर्चा में बनी रही।उनके द्वारा 2006 में जर्मनी के गुबेन में Plastinarium की स्थापना की गई थी, जो प्लास्टिनेशन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संस्थागत केंद्र बना। Institute for Plastination ने 27 जुलाई 2026 को उनके निधन की आधिकारिक घोषणा की। परिवार ने बताया कि उनकी मृत्यु के बाद उनके शरीर को भी प्लास्टिनेट किया जाएगा, जो उनकी लंबे समय से व्यक्त इच्छा थी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • प्लास्टिनेशन का आविष्कार डॉ. गुंथर फॉन हेगेंस ने 1977 में किया था।
  • Body Worlds प्रदर्शनी की शुरुआत 1995 में जापान से हुई थी।
  • Plastinarium की स्थापना 2006 में जर्मनी के गुबेन में की गई थी।
  • गुंथर फॉन हेगेंस का निधन 24 जुलाई 2026 को जर्मनी के हीडलबर्ग में 81 वर्ष की आयु में हुआ।

गुंथर फॉन हेगेंस का नाम चिकित्सा शिक्षा, शरीर रचना विज्ञान और वैज्ञानिक प्रस्तुति के क्षेत्र में लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उनकी खोज ने मानव शरीर को समझने के तरीके को एक नई दृश्य भाषा दी।

Originally written on July 29, 2026 and last modified on July 29, 2026.

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