उत्तराखंड की राजनीति के वरिष्ठ चेहरा हीरा सिंह बिष्ट का निधन

उत्तराखंड की राजनीति के वरिष्ठ चेहरा हीरा सिंह बिष्ट का निधन

उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट का 26 जुलाई 2026 को देहरादून में 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे अस्पताल में उपचार के दौरान कार्डियक अरेस्ट का शिकार हुए। लंबे समय तक राज्य की राजनीति में सक्रिय रहे बिष्ट विधानसभा, संगठन और सामाजिक-श्रमिक गतिविधियों में अपनी भूमिका के लिए पहचाने जाते थे।

राजनीति में लंबा और सक्रिय सफर

हीरा सिंह बिष्ट भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे और उन्होंने उत्तराखंड विधानसभा में तीन बार प्रतिनिधित्व किया। वे डोईवाला और राजपुर विधानसभा क्षेत्रों से विधायक रहे। राज्य गठन के बाद उत्तराखंड की राजनीति को आकार देने वाले शुरुआती नेताओं में उनका नाम लिया जाता है।वे पूर्व मुख्यमंत्री एन. डी. तिवारी की सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। उनके पास परिवहन, श्रम और तकनीकी शिक्षा जैसे अहम विभाग रहे, जिनसे राज्य के प्रशासनिक और विकासात्मक ढांचे से उनका सीधा जुड़ाव बना रहा।

श्रम, खेल और संगठन से भी जुड़ाव

बिष्ट केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं थे। वे उत्तराखंड इकाई के भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस यानी INTUC के अध्यक्ष भी रहे। श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रियता ने उन्हें संगठनात्मक स्तर पर भी पहचान दिलाई।खेल प्रशासन में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। वे क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे और देहरादून में रायपुर क्रिकेट स्टेडियम के लिए भूमि उपलब्ध कराने में भी उनकी भूमिका रही। इससे राज्य में खेल ढांचे के विकास को गति मिली।

उत्तराखंड की सार्वजनिक जीवन में उनकी भूमिका

4 नवंबर 1940 को जन्मे हीरा सिंह बिष्ट कई दशकों तक उत्तराखंड की सार्वजनिक जीवनधारा का हिस्सा रहे। विधानसभा में उनकी उपस्थिति, मंत्री के रूप में जिम्मेदारियां और संगठनात्मक कामकाज उन्हें राज्य के उन नेताओं में शामिल करता है, जिनका प्रभाव केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं था।देहरादून, जो उत्तराखंड की राजधानी और प्रमुख प्रशासनिक केंद्र है, वहीं उनका निधन हुआ। उनके जाने से राज्य ने एक ऐसे नेता को खो दिया है, जो राजनीति, श्रम आंदोलन और खेल प्रशासन—तीनों क्षेत्रों में सक्रिय रहे।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • उत्तराखंड का गठन 9 नवंबर 2000 को भारत के 27वें राज्य के रूप में हुआ था।
  • उत्तराखंड विधानसभा एक सदनीय यानी unicameral विधायिका है।
  • INTUC का पूरा नाम Indian National Trade Union Congress है और यह कांग्रेस से संबद्ध श्रमिक संगठन है।
  • देहरादून उत्तराखंड की राजधानी होने के साथ राज्य का प्रमुख प्रशासनिक केंद्र भी है।

हीरा सिंह बिष्ट का राजनीतिक और सामाजिक योगदान उत्तराखंड के शुरुआती विकास चरणों से जुड़ा रहा। उनके निधन से राज्य की राजनीति ने एक अनुभवी और बहुआयामी व्यक्तित्व को खो दिया है।

Originally written on July 27, 2026 and last modified on July 27, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *