प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नॉर्वे का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 18 मई 2026 को नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में “ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट” से सम्मानित किया गया। यह नॉर्वे का सर्वोच्च नागरिक सम्मान माना जाता है और रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट की सबसे उच्च श्रेणी है। इस सम्मान को भारत-नॉर्वे संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक सहयोग में योगदान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट क्या है
रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट की स्थापना वर्ष 1985 में नॉर्वे के राजा ओलाव पंचम ने की थी। यह सम्मान विदेशी नागरिकों और नॉर्वे के उन नागरिकों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने नॉर्वे के हितों, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। यह सम्मान नॉर्वे की राजकीय सम्मान प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे विशेष राजनयिक तथा अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों के लिए दिया जाता है।
ग्रैंड क्रॉस का महत्व
“ग्रैंड क्रॉस” इस सम्मान की सर्वोच्च श्रेणी है। कई देशों की शौर्य और राजकीय सम्मान प्रणालियों में ग्रैंड क्रॉस को सबसे उच्च स्तर माना जाता है। यह श्रेणी कमांडर और नाइट जैसी अन्य श्रेणियों से ऊपर होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सम्मान मिलना भारत और नॉर्वे के बीच बढ़ते रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है। इसके साथ ही यह मोदी को मिला 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान बन गया है।
भारत-नॉर्वे संबंधों की पृष्ठभूमि
भारत और नॉर्वे के बीच राजनयिक संबंध वर्ष 1947 में स्थापित हुए थे। दोनों देशों ने समुद्री मामलों, जलवायु परिवर्तन, मत्स्य पालन, ऊर्जा और विकास सहयोग जैसे क्षेत्रों में मिलकर कार्य किया है। हाल के वर्षों में हरित ऊर्जा, ब्लू इकोनॉमी और समुद्री सहयोग के क्षेत्र में दोनों देशों के संबंध और मजबूत हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की 2026 की नॉर्वे यात्रा भी इसी व्यापक रणनीतिक सहयोग का हिस्सा मानी जा रही है।
ऐतिहासिक नॉर्वे यात्रा
वर्ष 2026 की यह यात्रा विशेष इसलिए भी रही क्योंकि 43 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने नॉर्वे का आधिकारिक दौरा किया। इससे पहले 1983 में भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्वे यात्रा हुई थी। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने हरित प्रौद्योगिकी, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सहयोग पर भी चर्चा की।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- किंग हेराल्ड पंचम वर्ष 1991 से नॉर्वे के राजा हैं।
- ओस्लो नॉर्वे की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है।
- रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट की स्थापना 1985 में हुई थी।
- स्वीडन का “रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार” भी विदेशी नागरिकों को दिया जाने वाला एक प्रसिद्ध नॉर्डिक सम्मान है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला यह सम्मान भारत और नॉर्वे के बीच मजबूत होते संबंधों और वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका को दर्शाता है। यह उपलब्धि दोनों देशों के सहयोग को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।