दिल्ली में शुरू हुआ ‘मेट्रो मंडे’ अभियान
दिल्ली सरकार ने 18 मई 2026 को सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और ईंधन बचत के उद्देश्य से ‘मेट्रो मंडे’ अभियान की शुरुआत की। यह पहल दिल्ली सरकार के 90 दिवसीय ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान से जुड़ी हुई है। अभियान के तहत लोगों को निजी वाहनों के बजाय दिल्ली मेट्रो का अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
दिल्ली मेट्रो और अतिरिक्त सेवाएं
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने इस अभियान के तहत हर सोमवार 24 अतिरिक्त ट्रेन सेवाएं चलाने की घोषणा की है। इसके लिए नेटवर्क में छह अतिरिक्त ट्रेनों को शामिल किया गया है। दिल्ली मेट्रो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में से एक है और प्रतिदिन लाखों यात्री इसका उपयोग करते हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अभियान के शुभारंभ के दौरान कश्मीरी गेट से आईटीओ मेट्रो स्टेशन तक यात्रा कर लोगों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने का संदेश दिया।
ईंधन बचत के लिए प्रशासनिक कदम
दिल्ली सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए सप्ताह में दो दिन अनिवार्य वर्क फ्रॉम होम नीति लागू करने का निर्णय लिया है। साथ ही निजी कंपनियों को भी इसी प्रकार की व्यवस्था अपनाने की सलाह दी गई है। कार्यालयों में भी समय का विभाजन किया गया है ताकि यातायात दबाव कम हो सके। दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे तक संचालित होंगे, जबकि नगर निगम दिल्ली के कार्यालयों का समय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है।
पेट्रोल खपत और वाहन उपयोग में कटौती
सरकार ने सरकारी अधिकारियों के लिए पेट्रोल आवंटन में 20 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त अगले छह महीनों तक नए सरकारी वाहन खरीदने पर रोक लगा दी गई है। इन कदमों का उद्देश्य ईंधन की खपत कम करना और सार्वजनिक संसाधनों का नियंत्रित उपयोग सुनिश्चित करना है।
वैश्विक ऊर्जा संकट का प्रभाव
यह पहल ऐसे समय में शुरू की गई है जब वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ईंधन की कीमतों और आपूर्ति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ईंधन संरक्षण और सार्वजनिक खर्च में संयम बरतने की अपील की थी, जिसके बाद कई राज्यों ने बचत आधारित उपायों पर ध्यान बढ़ाया है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की स्थापना वर्ष 1995 में हुई थी।
- दिल्ली मेट्रो भारत की सबसे बड़ी मेट्रो प्रणालियों में से एक है।
- वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था में कर्मचारी कार्यालय के बाहर से आधिकारिक कार्य करते हैं।
- “नो व्हीकल डे” का उपयोग कई शहरों में ट्रैफिक और ईंधन खपत कम करने के लिए किया जाता है।
‘मेट्रो मंडे’ अभियान सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के साथ-साथ ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि यह पहल सफल रहती है, तो भविष्य में अन्य महानगर भी इसी प्रकार के मॉडल को अपना सकते हैं।