रॉकफेलर फाउंडेशन की 2025 इम्पैक्ट रिपोर्ट जारी
रॉकफेलर फाउंडेशन ने 18 मई 2026 को अपनी 2025 इम्पैक्ट रिपोर्ट “बिग बेट्स, रियल रिजल्ट्स” जारी की। रिपोर्ट में बताया गया कि वर्ष 2025 के दौरान फाउंडेशन ने 204 साझेदार संस्थाओं को 235 अनुदान और कार्यक्रम आधारित निवेशों के माध्यम से 350 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की सहायता प्रदान की। यह रिपोर्ट ऊर्जा, स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास क्षेत्रों में फाउंडेशन की वैश्विक गतिविधियों और प्रभाव को दर्शाती है।
अनुदान और पूंजी जुटाने की उपलब्धियां
रिपोर्ट के अनुसार फाउंडेशन द्वारा दिए गए अनुदानों और निवेशों ने प्रत्यक्ष रूप से 3 अरब अमेरिकी डॉलर की पूंजी जुटाने में मदद की। इसके अतिरिक्त लगभग 29 अरब अमेरिकी डॉलर की अप्रत्यक्ष पूंजी भी आकर्षित की गई। इस प्रकार वर्ष 2025 में कुल 32 अरब अमेरिकी डॉलर की पूंजी जुटाने में सहयोग मिला। फाउंडेशन ने विकास वित्त के लिए अनुदान और कार्यक्रम आधारित निवेशों को महत्वपूर्ण उपकरण बताया, जिनका उपयोग सामाजिक और आर्थिक परियोजनाओं के समर्थन में किया जाता है।
वैश्विक पहुंच और प्रमुख कार्यक्रम
रॉकफेलर फाउंडेशन की गतिविधियां अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका, कैरेबियन, यूरोप और अमेरिका तक फैली रहीं। इसके प्रमुख कार्यक्रमों में “यूनिवर्सल एनर्जी एबंडेंस”, अमेरिका में “फूड इज मेडिसिन” और वैश्विक स्तर पर “रीजेनरेटिव स्कूल मील्स” पहल शामिल रहीं। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में फाउंडेशन की पहलों से विश्वभर में लगभग 731 मिलियन लोगों तक पहुंच बनाई गई, जबकि 30 लाख लोगों को प्रत्यक्ष हस्तक्षेपों के माध्यम से मापनीय लाभ प्राप्त हुआ।
स्वास्थ्य, ऊर्जा और शिक्षा में पहल
फाउंडेशन ने लैटिन अमेरिका में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित रोग चेतावनी प्रणाली, केन्या में स्कूल भोजन कार्यक्रम तथा हैती और भारत में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं का विशेष उल्लेख किया। इन पहलों का उद्देश्य स्वास्थ्य सुरक्षा, पोषण और ऊर्जा पहुंच में सुधार लाना था।
स्वच्छ खाना पकाने की तकनीकों पर जोर
फरवरी 2026 में रॉकफेलर फाउंडेशन, ग्लोबल एनर्जी अलायंस, क्लीन कुकिंग अलायंस और एनर्जी कॉर्प्स ने अफ्रीका में आधुनिक खाना पकाने की तकनीकों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई। वर्तमान में अफ्रीका में लगभग एक अरब लोग पारंपरिक ईंधनों जैसे बायोमास और कोयले पर निर्भर हैं। स्वच्छ खाना पकाने की पहल का उद्देश्य प्रदूषण कम करना, स्वास्थ्य जोखिम घटाना और टिकाऊ ऊर्जा उपयोग को बढ़ावा देना है।
मिशन 300 और बिजली पहुंच
वर्ष 2024 से रॉकफेलर फाउंडेशन ने “ग्लोबल एनर्जी अलायंस फॉर पीपल एंड प्लैनेट” के साथ मिलकर मिशन 300 के लिए 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की प्रतिबद्धता जताई है। मिशन 300 का लक्ष्य वर्ष 2030 तक अफ्रीका के 30 करोड़ लोगों को बिजली से जोड़ना है। यह पहल अफ्रीका में ऊर्जा पहुंच बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- रॉकफेलर फाउंडेशन की स्थापना वर्ष 1913 में अमेरिका में हुई थी।
- मिशन 300 का लक्ष्य 2030 तक अफ्रीका में 30 करोड़ लोगों को बिजली उपलब्ध कराना है।
- स्वच्छ खाना पकाने की तकनीकें बायोमास और कोयले पर निर्भरता कम करने में मदद करती हैं।
- परोपकारी संस्थाएं विकास वित्त के लिए अनुदान और निवेश दोनों का उपयोग करती हैं।
रॉकफेलर फाउंडेशन की यह रिपोर्ट दर्शाती है कि वैश्विक विकास, स्वच्छ ऊर्जा और स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में सार्वजनिक और निजी साझेदारी की भूमिका लगातार बढ़ रही है। आने वाले वर्षों में ऐसी पहलों का प्रभाव विकासशील देशों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है।