केरल में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना ‘प्रियदर्शिनी’ को मंजूरी
केरल मंत्रिमंडल ने 10 जून 2026 को महिलाओं के लिए राज्य परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान करने वाली ‘प्रियदर्शिनी’ योजना को मंजूरी दे दी। यह योजना 15 जून 2026 से पूरे राज्य में लागू होगी। योजना के तहत सभी आयु वर्ग और सभी आय स्तरों की महिलाओं को मुफ्त यात्रा का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को भी इस योजना के दायरे में शामिल किया गया है। यह पहल सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाने और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
योजना की पात्रता और दायरा
प्रियदर्शिनी योजना के पहले चरण में केवल केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की साधारण श्रेणी की बस सेवाओं में मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। यह लाभ पूरे राज्य में लागू होगा और इसके लिए किसी प्रकार की आय सीमा या आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है। योजना का उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय की सार्वजनिक परिवहन तक पहुंच को आसान बनाना है, ताकि वे शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक गतिविधियों के लिए बिना अतिरिक्त यात्रा खर्च के आवागमन कर सकें।
वित्तीय प्रावधान और सरकारी सहायता
इस योजना के लागू होने से केएसआरटीसी को प्रति माह 60 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व नुकसान होने का अनुमान है। वार्षिक स्तर पर इस व्यय का अनुमान लगभग 750 करोड़ से 800 करोड़ रुपये के बीच लगाया गया है। कुछ आकलनों के अनुसार केवल साधारण बस सेवाओं में योजना लागू करने पर वार्षिक लागत लगभग 712 करोड़ रुपये हो सकती है, जबकि यदि इसे भविष्य में सभी बस श्रेणियों तक विस्तारित किया जाता है तो यह राशि 1,300 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह केएसआरटीसी को होने वाले पूरे राजस्व नुकसान की भरपाई करेगी।
100 दिन का परीक्षण चरण
सरकार ने योजना को प्रारंभिक रूप से 100 दिनों के परीक्षण आधार पर लागू करने का निर्णय लिया है। इस अवधि के दौरान योजना के प्रभाव, यात्री संख्या और वित्तीय परिणामों का मूल्यांकन किया जाएगा। यदि परीक्षण अवधि के परिणाम सकारात्मक रहते हैं और केएसआरटीसी की वित्तीय स्थिति अनुकूल रहती है, तो भविष्य में इस सुविधा को फास्ट और सुपरफास्ट बस सेवाओं तक भी विस्तारित करने पर विचार किया जा सकता है।
सार्वजनिक परिवहन और सामाजिक लाभ
मुफ्त यात्रा योजनाएं महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सामाजिक गतिशीलता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यात्रा खर्च में कमी से महिलाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और अन्य सेवाओं तक पहुंच आसान हो सकती है। इसके अलावा ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को भी योजना में शामिल करने से सामाजिक समानता और समावेशी विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम सार्वजनिक परिवहन को अधिक न्यायसंगत और सभी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- केएसआरटीसी का पूर्ण नाम केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन है, जो राज्य की सार्वजनिक बस सेवाओं का संचालन करता है।
- साधारण बस सेवाएं केएसआरटीसी की मूल और सबसे व्यापक बस श्रेणी मानी जाती हैं।
- प्रियदर्शिनी योजना में महिलाओं के साथ-साथ ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को भी शामिल किया गया है।
- केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम है और यह भारत के दक्षिणी राज्यों में से एक है।
प्रियदर्शिनी योजना केरल सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक कल्याण पहल है, जिसका उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय की सार्वजनिक परिवहन तक पहुंच को आसान बनाना है। यदि यह योजना सफल रहती है, तो यह सामाजिक समावेशन, महिला सशक्तिकरण और सार्वजनिक परिवहन उपयोग को बढ़ावा देने का प्रभावी मॉडल बन सकती है।