परभणी में आधुनिक कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन, सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मिलेगा बड़ा लाभ

परभणी में आधुनिक कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन, सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मिलेगा बड़ा लाभ

28 जून 2026 को केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने महाराष्ट्र के परभणी स्थित वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विद्यापीठ के खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में एक अत्याधुनिक कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया। यह केंद्र खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण (पीएमएफएमई) योजना के अंतर्गत स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य सूक्ष्म एवं लघु खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ उपलब्ध कराकर उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाना है।

कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर क्या है?

कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर एक साझा सुविधा केंद्र होता है, जहाँ खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी विभिन्न इकाइयों को आधुनिक मशीनरी, उत्पाद विकास, प्रशिक्षण तथा गुणवत्ता परीक्षण जैसी सेवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे छोटे उद्यमियों को महंगे उपकरणों में अलग से निवेश करने की आवश्यकता नहीं पड़ती और वे आधुनिक तकनीकों का लाभ उठाकर बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर सकते हैं। ऐसे केंद्र स्थानीय उद्योगों के विकास के साथ-साथ रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पीएमएफएमई योजना की भूमिका

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण (पीएमएफएमई) योजना, भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं में से एक है। इस योजना का उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ना, उनकी क्षमता का विकास करना तथा साझा अवसंरचना तक पहुँच उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से उद्यमियों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और आधुनिक तकनीकी सुविधाएँ प्राप्त होती हैं, जिससे ग्रामीण और कृषि आधारित उद्योगों को नई गति मिलती है।

परभणी केंद्र की प्रमुख विशेषताएँ

परभणी में स्थापित यह आधुनिक केंद्र विशेष रूप से गुड़, गन्ने के रस और मसाला प्रसंस्करण इकाइयों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यहाँ स्थानीय कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन, नए उत्पादों के विकास, गुणवत्ता परीक्षण तथा उद्यमियों के प्रशिक्षण की व्यापक व्यवस्था की गई है। इससे किसानों और सूक्ष्म उद्यमियों को अपने उत्पादों का बेहतर व्यावसायिक उपयोग करने का अवसर मिलेगा और स्थानीय स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूती मिलेगी।

पहले भी स्थापित हो चुका है ऐसा केंद्र

इससे पहले 30 मई 2025 को तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय में नारियल आधारित उत्पादों के लिए भी एक कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया गया था। यह केंद्र भी पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सहयोग से स्थापित किया गया था। इस प्रकार देश के विभिन्न कृषि प्रधान क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों के अनुरूप ऐसे केंद्र विकसित किए जा रहे हैं ताकि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को अधिक संगठित और आधुनिक बनाया जा सके।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारत का खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय देश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए कार्य करता है।
  • वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विद्यापीठ महाराष्ट्र के परभणी जिले में स्थित एक प्रमुख कृषि विश्वविद्यालय है।
  • पीएमएफएमई योजना का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों का औपचारिकीकरण, क्षमता निर्माण और साझा अवसंरचना उपलब्ध कराना है।
  • कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर में खाद्य प्रसंस्करण, प्रशिक्षण, उत्पाद विकास और गुणवत्ता परीक्षण जैसी अनेक सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध होती हैं।

परभणी में स्थापित यह अत्याधुनिक कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्थानीय किसानों, उद्यमियों और सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को आधुनिक संसाधनों तक पहुँच मिलेगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ देश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को भी नई गति प्राप्त होगी।

Originally written on July 2, 2026 and last modified on July 2, 2026.

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