नासिक नगर निगम को क्लीन गोदावरी बॉन्ड पर ₹26 करोड़ का प्रोत्साहन, शहरी अवसंरचना को मिलेगा बल

नासिक नगर निगम को क्लीन गोदावरी बॉन्ड पर ₹26 करोड़ का प्रोत्साहन, शहरी अवसंरचना को मिलेगा बल

केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने 14 जुलाई 2026 को नासिक नगर निगम को ₹26 करोड़ का प्रोत्साहन देने की मंजूरी प्रदान की। यह प्रोत्साहन नगर निगम द्वारा जारी किए गए ₹200 करोड़ के क्लीन गोदावरी बॉन्ड से जुड़ा है। यह बॉन्ड 2 दिसंबर 2025 को मुंबई स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में सूचीबद्ध किया गया था। इस पहल का उद्देश्य नगर निकायों को पूंजी बाजार के माध्यम से धन जुटाने के लिए प्रोत्साहित करना और शहरी अवसंरचना विकास को गति देना है।

क्लीन गोदावरी बॉन्ड क्या है?

क्लीन गोदावरी बॉन्ड नासिक नगर निगम द्वारा जारी किया गया एक नगरपालिका बॉन्ड (म्युनिसिपल बॉन्ड) है। नगरपालिका बॉन्ड ऐसे ऋण साधन होते हैं, जिनके माध्यम से नगर निगम और अन्य शहरी स्थानीय निकाय निवेशकों से धन जुटाकर सार्वजनिक अवसंरचना और नागरिक सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को वित्तपोषित करते हैं। इस बॉन्ड पर 7.8 प्रतिशत की कूपन दर निर्धारित की गई है तथा इसकी परिपक्वता अवधि वर्ष 2030 तक है। यह बॉन्ड निवेशकों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय रहा और इसे 3.95 गुना अधिक सदस्यता (ओवरसब्सक्रिप्शन) प्राप्त हुई, अर्थात प्रस्तावित राशि से लगभग चार गुना अधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।

प्रोत्साहन योजना और महत्व

केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत ₹26 करोड़ का प्रोत्साहन, बॉन्ड के माध्यम से जुटाई गई ₹200 करोड़ की राशि का 13 प्रतिशत है। इस प्रकार के प्रोत्साहन का उद्देश्य शहरी स्थानीय निकायों को पूंजी बाजार से संसाधन जुटाने के लिए प्रोत्साहित करना और पारंपरिक वित्तीय स्रोतों पर उनकी निर्भरता कम करना है। नासिक, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के बाद नगरपालिका बॉन्ड बाजार के माध्यम से धन जुटाने वाला भारत का तीसरा शहर बन गया है। 2 दिसंबर 2025 को आयोजित बॉन्ड सूचीबद्धता समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उपस्थित रहे।

बॉन्ड से वित्तपोषित परियोजनाएं

क्लीन गोदावरी बॉन्ड से प्राप्त धनराशि का उपयोग नासिक में महत्वपूर्ण शहरी अवसंरचना परियोजनाओं के लिए किया जाएगा। इनमें सीवरेज अवसंरचना का विकास, राम काल पथ चरण-द्वितीय तथा राम झूला पैदल पुल का निर्माण प्रमुख हैं। इन परियोजनाओं का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि वर्ष 2027 में नासिक में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले शहर की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना आवश्यक माना जा रहा है।

शहरी वित्त में नगरपालिका बॉन्ड की भूमिका

भारत में नगरपालिका बॉन्ड शहरी वित्त का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनते जा रहे हैं। इनके जरिए नगर निकाय सड़क, जल निकासी, सीवरेज, पुल, सार्वजनिक परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए दीर्घकालिक पूंजी जुटा सकते हैं। इससे शहरों में विकास कार्यों की गति बढ़ती है और निवेशकों को भी सुरक्षित निवेश का विकल्प प्राप्त होता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • नगरपालिका बॉन्ड शहरी स्थानीय निकायों, जैसे नगर निगम और नगर परिषदों, द्वारा सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए धन जुटाने हेतु जारी किए जाते हैं।
  • नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) भारत के दो प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों में से एक है, दूसरा बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) है।
  • ओवरसब्सक्रिप्शन का अर्थ है कि किसी बॉन्ड या प्रतिभूति के लिए मांग, जारी की गई राशि से अधिक होना।
  • सिंहस्थ कुंभ मेला महाराष्ट्र के नासिक में गोदावरी नदी के तट पर आयोजित होने वाला प्रमुख धार्मिक आयोजन है।

नासिक नगर निगम को दिया गया यह प्रोत्साहन भारत में शहरी वित्त व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नगरपालिका बॉन्ड जैसे वित्तीय साधनों के माध्यम से शहरों को आधुनिक अवसंरचना विकसित करने, निवेश आकर्षित करने और नागरिक सुविधाओं में सुधार लाने के लिए नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।:::

Originally written on July 15, 2026 and last modified on July 15, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *