विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण में लगे बीएलओ और बीएलएस को मिलेगा ₹6,000 का एकमुश्त मानदेय

विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण में लगे बीएलओ और बीएलएस को मिलेगा ₹6,000 का एकमुश्त मानदेय

भारत निर्वाचन आयोग ने 14 जुलाई 2026 को विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) कार्य में लगे बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और बूथ लेवल पर्यवेक्षकों (बीएलएस) के लिए ₹6,000 के एकमुश्त मानदेय को मंजूरी दी है। यह राशि उनके वार्षिक पारिश्रमिक के अतिरिक्त प्रदान की जाएगी। यह निर्णय 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन और गणना कार्य में लगे अधिकारियों के अतिरिक्त कार्यभार को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

बीएलओ और बीएलएस की भूमिका

बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) निर्वाचन आयोग के क्षेत्रीय स्तर के अधिकारी होते हैं, जिनकी जिम्मेदारी मतदान केंद्र स्तर पर मतदाताओं का सत्यापन, घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करना तथा मतदाता सूची तैयार करने और अद्यतन करने में सहयोग करना होती है। वहीं बूथ लेवल पर्यवेक्षक (बीएलएस) कई बीएलओ के कार्यों की निगरानी करते हैं और मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय सत्यापन एवं समन्वय की जिम्मेदारी निभाते हैं। चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाए रखने में दोनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण क्या है?

विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण एक व्यापक अभियान है, जिसके माध्यम से मतदाता सूची में दर्ज विवरणों का सत्यापन किया जाता है। इस प्रक्रिया में नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं, जबकि मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाते हैं। वर्ष 2026 के इस अभियान का घर-घर सत्यापन चरण 30 जून से 29 जुलाई तक निर्धारित किया गया है। इसके बाद प्रारूप मतदाता सूची 5 अगस्त 2026 को प्रकाशित की जाएगी। दावों और आपत्तियों के निस्तारण के पश्चात अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी।

देशभर में व्यापक अभियान

दिल्ली में इस विशेष अभियान के तहत 13 जिलों में 13,000 से अधिक बीएलओ तैनात किए गए हैं, जो लगभग 1.45 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं। देशभर में 3.94 लाख से अधिक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन कार्य में लगे हुए हैं। इनके कार्य में सहायता के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नामित 3.42 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी सहयोग कर रहे हैं। यह अभियान देश की मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

चुनावी प्रक्रिया में महत्व

सटीक और अद्यतन मतदाता सूची स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की आधारशिला होती है। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के माध्यम से निर्वाचन आयोग यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो तथा अपात्र प्रविष्टियों को हटाया जा सके। इससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता दोनों मजबूत होती हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारत निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत स्थापित एक संवैधानिक संस्था है।
  • बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव प्रबंधन की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं।
  • मतदाता सूचियों का समय-समय पर पुनरीक्षण नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने और अपात्र प्रविष्टियों को हटाने के लिए किया जाता है।
  • वर्ष 2026 के विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रारूप सूची 5 अगस्त 2026 तथा अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

बीएलओ और बीएलएस को अतिरिक्त मानदेय देने का निर्णय निर्वाचन आयोग द्वारा उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना का प्रतीक है। यह पहल मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और दक्षता को भी सुदृढ़ करेगी।

Originally written on July 15, 2026 and last modified on July 15, 2026.

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