दिव्य कला मेला 2026: कोलकाता में 31वें संस्करण का शुभारंभ

दिव्य कला मेला 2026: कोलकाता में 31वें संस्करण का शुभारंभ

दिव्यांगजनों की प्रतिभा, कौशल और उद्यमिता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से 31वें दिव्य कला मेले का शुभारंभ 14 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के रवीन्द्र सदन में किया गया। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने इस आठ दिवसीय मेले का उद्घाटन किया। यह आयोजन 14 जुलाई से 22 जुलाई 2026 तक चलेगा और दिव्यांग उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं विपणन का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। यह मेला आत्मनिर्भरता, सम्मान, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

दिव्य कला मेला की पहल और उद्देश्य

दिव्य कला मेला की शुरुआत दिसंबर 2022 में की गई थी। इसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, कलाकृतियों, हस्तनिर्मित उत्पादों और अन्य वस्तुओं को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना है। इस पहल के माध्यम से दिव्यांग उद्यमियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है। अब तक यह मेला श्रीनगर, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम, गुवाहाटी, अहमदाबाद और पटना सहित देश के कई प्रमुख शहरों में सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है।

पहली बार केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार की संयुक्त मेजबानी

31वां दिव्य कला मेला कई मायनों में विशेष है क्योंकि यह पहली बार भारत सरकार और पश्चिम बंगाल सरकार के संयुक्त प्रयासों से आयोजित किया जा रहा है। मेले में लगभग 40 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या पश्चिम बंगाल के दिव्यांग कारीगरों और उद्यमियों की है। यह आयोजन उन्हें देशभर के खरीदारों और आम लोगों से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करता है।

दिव्यांग सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

दिव्य कला मेला केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के लिए सम्मानजनक आजीविका और सामाजिक भागीदारी का माध्यम भी है। यह कार्यक्रम सरकार की समावेशी विकास की नीति को मजबूत करता है और दिव्यांग व्यक्तियों को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में कार्य करता है। इस अवसर पर “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के समावेशी विकास के दृष्टिकोण पर भी विशेष बल दिया गया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • रवीन्द्र सदन पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर का एक प्रमुख सांस्कृतिक एवं कला केंद्र है।
  • डॉ. वीरेन्द्र कुमार भारत सरकार में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री हैं।
  • भारत में सरकारी एवं कल्याणकारी योजनाओं के संदर्भ में “दिव्यांग” शब्द का उपयोग विकलांग व्यक्तियों के लिए किया जाता है।
  • दिव्यांग केंद्रित मेलों का उद्देश्य हस्तशिल्प, कलाकृतियों और अन्य उत्पादों के प्रदर्शन, विपणन तथा आजीविका के अवसर बढ़ाना होता है।

दिव्य कला मेला 2026 दिव्यांग उद्यमियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने और उनकी आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे आयोजन न केवल उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में समावेशन, सम्मान और समान अवसरों की भावना को भी सशक्त बनाते हैं।

Originally written on July 15, 2026 and last modified on July 15, 2026.

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