भारत में आयोजित होगी पाँचवीं बिम्सटेक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक

भारत में आयोजित होगी पाँचवीं बिम्सटेक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक

भारत 16 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में बिम्सटेक (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन) की पाँचवीं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) बैठक की मेजबानी करेगा। यह बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रतिनिधि साइबर सुरक्षा, आतंकवाद, मानव तस्करी, अंतरराष्ट्रीय अपराध और उपग्रह सहयोग जैसे प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। यह आयोजन भारत की क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग में सक्रिय भूमिका को भी दर्शाता है।

बिम्सटेक क्या है और इसके सदस्य देश

बिम्सटेक की स्थापना वर्ष 1997 में ‘बिस्ट-ईसी’ (BIST-EC) के रूप में हुई थी, जिसे बाद में वर्तमान नाम दिया गया। यह संगठन दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के सात देशों को एक साझा मंच प्रदान करता है। इसके सदस्य देश हैं—बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड। संगठन का उद्देश्य बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा, व्यापार, परिवहन, ऊर्जा, संपर्क और जन-से-जन सहयोग को बढ़ावा देना है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक का महत्व

बिम्सटेक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक सदस्य देशों के बीच सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर समन्वय स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। इस बैठक में साइबर सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, मानव तस्करी, सीमा पार अपराधों की रोकथाम तथा उपग्रह आधारित सहयोग जैसे विषयों पर रणनीति तैयार की जाती है। वर्तमान बिम्सटेक अध्यक्ष बांग्लादेश ने भी इस बैठक में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है। बांग्लादेश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रधानमंत्री के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. ए.के.एम. शमसुल इस्लाम करेंगे।

साइबर सुरक्षा सहयोग में भारत की भूमिका

भारत बिम्सटेक के अंतर्गत साइबर सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2022 में नई दिल्ली में पहला बिम्सटेक विशेषज्ञ समूह साइबर सुरक्षा बैठक आयोजित की गई थी। इसके बाद 21 जनवरी 2025 को दूसरी विशेषज्ञ समूह बैठक का भी आयोजन भारत ने किया। यह विशेषज्ञ समूह सदस्य देशों के बीच समन्वय और सहयोग के लिए कार्ययोजना तैयार करता है। क्षेत्रीय साइबर सुरक्षा सहयोग के अंतर्गत सूचना साझा करना, क्षमता निर्माण और महत्वपूर्ण डिजिटल अवसंरचना की सुरक्षा प्रमुख उद्देश्य हैं।

युवा सहभागिता और क्षेत्रीय सहयोग

सुरक्षा सहयोग के साथ-साथ भारत क्षेत्रीय युवा सहभागिता को भी बढ़ावा दे रहा है। 25 से 30 अप्रैल के दौरान आयोजित बिम्सटेक यूथ लीडरशिप एक्सचेंज कार्यक्रम में बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के 70 से अधिक उभरते युवा नेताओं ने भाग लिया। इस प्रकार के कार्यक्रम सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास, नेतृत्व क्षमता और संस्थागत सहयोग को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • बिम्सटेक का पूर्ण रूप बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन है।
  • बिम्सटेक के सात सदस्य देश हैं—बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड।
  • बिम्सटेक की स्थापना वर्ष 1997 में हुई थी और इसका मुख्य उद्देश्य बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में बहु-क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
  • बिम्सटेक के सुरक्षा सहयोग के प्रमुख क्षेत्र साइबर सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी प्रयास, मानव तस्करी की रोकथाम और उपग्रह सहयोग हैं।

भारत द्वारा आयोजित पाँचवीं बिम्सटेक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बैठक क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में सदस्य देशों के बीच समन्वय, सूचना साझा करने और सामूहिक रणनीति तैयार करने की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। यह बैठक न केवल साइबर सुरक्षा और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर सहयोग को मजबूत करेगी, बल्कि बिम्सटेक को एक प्रभावी क्षेत्रीय संगठन के रूप में और अधिक सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

Originally written on July 15, 2026 and last modified on July 15, 2026.

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