नासा ने ब्लू ओरिजिन को चंद्र मिशन के लिए दिया बड़ा अनुबंध
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 26 मई 2026 को ब्लू ओरिजिन को चंद्रमा पर लूनर रोवर और संबंधित उपकरण पहुँचाने के लिए बहु-मिलियन डॉलर का अनुबंध प्रदान किया है। यह समझौता नासा की “मून बेस” पहल से जुड़ा हुआ है, जिसके तहत 2030 के दशक तक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर स्थायी मानव उपस्थिति स्थापित करने की योजना बनाई गई है। यह परियोजना भविष्य के अंतरिक्ष अन्वेषण और चंद्र संसाधनों के उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। ब्लू ओरिजिन, जो अमेज़न के संस्थापक जेफ बेजोस की अंतरिक्ष कंपनी है, पहले से ही चंद्र अभियानों के लिए विभिन्न तकनीकों पर कार्य कर रही है। इस नए अनुबंध से कंपनी की भूमिका नासा के चंद्र मिशनों में और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
नासा की मून बेस पहल
नासा की “मून बेस” पहल का उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सतही बुनियादी ढाँचा विकसित करना है। चंद्र दक्षिणी ध्रुव को वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहाँ स्थायी रूप से छाया में रहने वाले क्रेटर और जल-बर्फ के भंडार मौजूद हैं। इन क्षेत्रों में मौजूद बर्फ भविष्य में पानी, ऑक्सीजन और रॉकेट ईंधन के स्रोत के रूप में उपयोग की जा सकती है। यही कारण है कि नासा और अन्य अंतरिक्ष एजेंसियाँ इस क्षेत्र को दीर्घकालिक चंद्र अभियानों के लिए उपयुक्त मानती हैं।
लूनर टेरेन व्हीकल और अनुबंध का मूल्य
नासा ब्लू ओरिजिन को प्रारंभिक अनुबंध के तहत कम से कम 188 मिलियन डॉलर का भुगतान करेगा। इसका उद्देश्य पहले लूनर टेरेन व्हीकल्स को चंद्रमा तक पहुँचाना है। ये विशेष वाहन चंद्र सतह पर अंतरिक्ष यात्रियों, वैज्ञानिक उपकरणों और अन्य संसाधनों के परिवहन के लिए तैयार किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त इसी अनुबंध के तहत एक विकल्प अवधि भी शामिल है, जिसकी कीमत लगभग 280.4 मिलियन डॉलर है। नासा ने लूनर टेरेन व्हीकल विकास के लिए एस्ट्रोलैब और लूनर आउटपोस्ट को संयुक्त रूप से 439 मिलियन डॉलर के अनुबंध भी प्रदान किए हैं।
ब्लू मून मार्क 1 एंड्योरेंस लैंडर
ब्लू ओरिजिन का रोबोटिक “ब्लू मून मार्क 1 एंड्योरेंस” लैंडर मून बेस के पहले आधिकारिक मिशन में सहायता करेगा। इसका प्रक्षेपण 2026 की शरद ऋतु से पहले नहीं होने की संभावना है। ब्लू मून लैंडर श्रृंखला को चंद्रमा पर कार्गो और मानव मिशनों के लिए विकसित किया जा रहा है। यह प्रणाली भविष्य के चंद्र अभियानों में सामान और वैज्ञानिक उपकरणों की सुरक्षित ढुलाई में मदद करेगी।
आर्टेमिस कार्यक्रम और भविष्य की योजनाएँ
ब्लू ओरिजिन को मई 2023 में 3.4 बिलियन डॉलर का एक अलग अनुबंध भी मिला था। यह अनुबंध बड़े “ब्लू मून ह्यूमन लैंडिंग सिस्टम” के विकास के लिए था। इसे स्पेसएक्स के स्टारशिप सिस्टम के विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि आर्टेमिस मिशनों में मानवों को चंद्रमा तक पहुँचाया जा सके। नासा का आर्टेमिस कार्यक्रम चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी और दीर्घकालिक चंद्र अन्वेषण क्षमता विकसित करने की योजना है। इस कार्यक्रम के तहत पहली मानवयुक्त लैंडिंग लगभग 2029 तक होने की संभावना है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- नासा का पूरा नाम नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन है।
- चंद्र दक्षिणी ध्रुव जल-बर्फ की मौजूदगी के कारण भविष्य के मिशनों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है।
- आर्टेमिस कार्यक्रम का उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों को पुनः चंद्रमा पर भेजना है।
- लूनर टेरेन व्हीकल चंद्र सतह पर परिवहन और वैज्ञानिक कार्यों के लिए विकसित किए जाते हैं।
नासा और ब्लू ओरिजिन के बीच यह नया सहयोग भविष्य के चंद्र अभियानों को नई गति देने वाला माना जा रहा है। चंद्रमा पर स्थायी मानव उपस्थिति स्थापित करने की दिशा में यह अनुबंध अंतरिक्ष अनुसंधान और तकनीकी विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।