नाबार्ड ने शुरू किया ‘ग्रामोदय’ कार्यक्रम, ग्रामीण युवाओं को मिलेगा उद्यमिता का नया अवसर

नाबार्ड ने शुरू किया ‘ग्रामोदय’ कार्यक्रम, ग्रामीण युवाओं को मिलेगा उद्यमिता का नया अवसर

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने अपने 45वें स्थापना दिवस के अवसर पर 13 जुलाई 2026 को ‘ग्रामोदय’ नामक एक नई उद्यमिता विकास पहल की शुरुआत की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें सफल उद्यमी के रूप में विकसित करना है। ग्रामोदय के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ और रोजगार सृजित करने वाले व्यवसायों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।

ग्रामोदय कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ

ग्रामोदय एक तीन वर्षीय पायलट कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत लगभग 4,000 ग्रामीण उद्यमियों को तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह कार्यक्रम भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में डिजिटल-फर्स्ट हाइब्रिड मॉडल के माध्यम से संचालित किया जाएगा। डिजिटल तकनीक और प्रत्यक्ष प्रशिक्षण के संयोजन से अधिक से अधिक युवाओं तक कार्यक्रम की पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को व्यवसाय स्थापित करने और उसे सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए आवश्यक सभी प्रकार का मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।

संस्थागत सहयोग और क्रियान्वयन

ग्रामोदय कार्यक्रम नाबार्ड और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) का संयुक्त प्रयास है। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है। वहीं, इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी इंस्टीट्यूट फॉर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (IID) को सौंपी गई है। विभिन्न संस्थाओं के इस सहयोग का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को कौशल, उद्यमिता और वित्तीय अवसरों से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर व्यवसाय स्थापित करने में सक्षम बनाना है।

प्रशिक्षण और सहायता व्यवस्था

ग्रामोदय कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित प्रतिभागियों को एक व्यापक सहायता प्रणाली उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें साइकोमेट्रिक मूल्यांकन, व्यक्तिगत परामर्श, उद्यमिता विकास प्रशिक्षण, उद्योग-विशिष्ट कौशल विकास कार्यक्रम, अनुभवी विशेषज्ञों द्वारा मेंटरिंग तथा व्यवसाय स्थापित करने में आवश्यक सहयोग शामिल है। इस संरचित प्रशिक्षण मॉडल का उद्देश्य प्रतिभागियों की क्षमता का आकलन कर उन्हें उनकी रुचि और योग्यता के अनुरूप व्यवसाय शुरू करने में सहायता प्रदान करना है। साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित और गैर-कृषि दोनों प्रकार के उद्यमों को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • नाबार्ड (NABARD) का पूरा नाम राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक है।
  • नाबार्ड की स्थापना 1982 में कृषि एवं ग्रामीण विकास के शीर्ष विकास बैंक के रूप में की गई थी।
  • राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
  • आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 भारत सरकार की दीर्घकालिक विकास और आत्मनिर्भरता से जुड़ी प्रमुख नीतिगत पहलें हैं।

ग्रामोदय कार्यक्रम ग्रामीण भारत में उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल केवल युवाओं को कौशल प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सहयोग भी उपलब्ध कराएगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

Originally written on July 13, 2026 and last modified on July 13, 2026.

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