दिल्ली–अमृतसर–कटरा एक्सप्रेसवे के 188 किलोमीटर हिस्से का उद्घाटन, यात्रा समय में होगी बड़ी कमी
भारत के सड़क अवसंरचना विकास को नई गति देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई 2026 को दिल्ली–अमृतसर–कटरा एक्सप्रेसवे के महत्वपूर्ण हिस्सों का उद्घाटन किया। उद्घाटन के तहत हरियाणा के जींद में पैकेज 1 से 5 (157.92 किलोमीटर) तथा पंजाब के जालंधर में पैकेज 6 (30.9 किलोमीटर) को राष्ट्र को समर्पित किया गया। इस प्रकार कुल 188 किलोमीटर से अधिक लंबा एक्सप्रेसवे परिचालन के लिए तैयार हो गया है। यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा भारतमाला परियोजना के अंतर्गत विकसित की जा रही है।
दिल्ली–अमृतसर–कटरा एक्सप्रेसवे क्या है?
दिल्ली–अमृतसर–कटरा एक्सप्रेसवे एक 667 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड, एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है। इसका निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा किया जा रहा है। यह चार लेन का आधुनिक राजमार्ग है, जिसे भविष्य में आवश्यकता के अनुसार आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। उद्घाटित पैकेज 1 से 5 के निर्माण पर लगभग 9,680 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस परियोजना का उद्देश्य तेज, सुरक्षित और बाधारहित सड़क परिवहन उपलब्ध कराना है।
मार्ग और बेहतर संपर्क
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर को जोड़ते हुए अमृतसर और कटरा तक पहुंच प्रदान करेगा। इसका निर्माण विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (एनएच-44) पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए किया गया है। एनएच-44 को ऐतिहासिक रूप से ग्रैंड ट्रंक रोड (जीटी रोड) के नाम से भी जाना जाता है। नए एक्सप्रेसवे के चालू होने से माल परिवहन और यात्रियों की आवाजाही अधिक सुगम और तेज होगी।
यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी
इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा लाभ यात्रा समय में होने वाली बड़ी कमी है। परियोजना के पूर्ण होने पर दिल्ली से कटरा की यात्रा, जो वर्तमान में लगभग 14 घंटे लेती है, घटकर लगभग 6 घंटे रह जाएगी। इसी प्रकार दिल्ली से अमृतसर की यात्रा का समय लगभग 8 घंटे से घटकर 4 घंटे होने की उम्मीद है। इससे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और व्यापारिक गतिविधियों को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा, विशेषकर श्री माता वैष्णो देवी धाम, कटरा जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए।
आर्थिक और लॉजिस्टिक महत्व
दिल्ली–अमृतसर–कटरा एक्सप्रेसवे केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक विकास का भी महत्वपूर्ण आधार बनेगा। इसके किनारे औद्योगिक क्षेत्रों, लॉजिस्टिक पार्कों और व्यापारिक गतिविधियों के विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना है। एक्सेस-कंट्रोल्ड राजमार्ग होने के कारण इस पर सीमित प्रवेश और निकास बिंदु होंगे, जिससे यातायात अधिक सुरक्षित, तेज और व्यवस्थित रहेगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- दिल्ली–अमृतसर–कटरा एक्सप्रेसवे एक 667 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है।
- इस परियोजना का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा भारतमाला परियोजना के अंतर्गत किया जा रहा है।
- एनएच-44 को ग्रैंड ट्रंक रोड (जीटी रोड) के नाम से भी जाना जाता है।
- यह एक्सप्रेसवे जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित श्री माता वैष्णो देवी धाम तक बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करेगा।
दिल्ली–अमृतसर–कटरा एक्सप्रेसवे भारत की आधुनिक सड़क अवसंरचना परियोजनाओं में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह न केवल यात्रा समय को कम करेगा, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास, औद्योगिक निवेश, पर्यटन और धार्मिक यात्राओं को भी नई गति देगा। भविष्य में यह एक्सप्रेसवे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को मजबूत करने और लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।