भारत से बांग्लादेश को नई रेल कोच आपूर्ति, रेल निर्यात में फिर रफ्तार
पंजाब के कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री ने 12 अगस्त 2026 को बांग्लादेश रेलवे के लिए लिंक हॉफमैन बुश (LHB) ब्रॉड गेज यात्री कोचों का पहला रेक तैयार किया। 19 कोचों वाला यह रेक भारत और बांग्लादेश के बीच रेल सहयोग में एक अहम कदम माना जा रहा है, क्योंकि करीब दस साल बाद भारतीय यात्री कोचों की आपूर्ति फिर शुरू हुई है।
कौन-सा सौदा और कितनी आपूर्ति
यह डिलीवरी 2024 में हुए उस निर्यात अनुबंध का हिस्सा है, जिसके तहत बांग्लादेश रेलवे को कुल 200 ब्रॉड गेज यात्री कोच सात अलग-अलग वेरिएंट में दिए जाने हैं। इस सौदे का मूल्य लगभग 915 करोड़ रुपये बताया गया है और इसकी फाइनेंसिंग यूरोपीय निवेश बैंक से जुड़ी है। रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि शुरुआती खेप 19 कोचों की है, जबकि कुछ शुरुआती रिपोर्टों में 20 कोचों का उल्लेख किया गया था।
भारत ने इससे पहले 2015-16 में बांग्लादेश को 120 यात्री कोचों की आपूर्ति की थी। मौजूदा डिलीवरी उसी सहयोग की निरंतरता है और दक्षिण एशिया में भारतीय रेल निर्माण क्षमता की एक और पहचान बनकर सामने आई है।
पहले रेक की खासियतें
पहले रेक की संरचना यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसमें तीन एसी स्लीपर कोच, तीन एसी चेयर कार, 11 नॉन-एसी चेयर कार और दो पावर कार शामिल हैं। कोचों में प्रेयर रूम, बेबी केयर रूम, इंटीग्रेटेड सीसीटीवी निगरानी, पैसेंजर अलार्म सिस्टम और रिक्लाइनिंग सीटें जैसी सुविधाएं दी गई हैं।
बांग्लादेश में भीड़भाड़ वाले समय में छत पर यात्रा जैसी स्थितियों को देखते हुए कोचों की रूफ संरचना को मजबूत किया गया है। यह पहल केवल आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि पड़ोसी देश की परिचालन जरूरतों के अनुसार तकनीकी अनुकूलन का उदाहरण भी है।
सुरक्षा और तकनीकी मानक
इन कोचों के बॉडी शेल को यूरोपीय मानक EN 15227 के अनुरूप क्रैशवर्थीनेस के लिए पुन: डिजाइन किया गया है। यह मानक रेलवे रोलिंग स्टॉक की टक्कर-रोधी क्षमता और सुरक्षा डिजाइन से जुड़ा है। इसके अलावा, इन कोचों में 415 वोल्ट विद्युत प्रणाली का उपयोग किया गया है, जबकि भारतीय रेल के पारंपरिक कोच सिस्टम सामान्यतः 750 वोल्ट पर आधारित होते हैं।
इस परियोजना में राइट्स लिमिटेड की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। राइट्स, रेल मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है, जो परिवहन परामर्श और इंजीनियरिंग सेवाओं के लिए जाना जाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- LHB कोच स्टेनलेस स्टील या एल्युमिनियम निर्माण और बेहतर सुरक्षा मानकों के लिए जाने जाते हैं।
- रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला, भारतीय रेल की प्रमुख कोच निर्माण इकाइयों में से एक है।
- EN 15227 यूरोपीय रेलवे रोलिंग स्टॉक के लिए एक क्रैशवर्थीनेस मानक है।
- भारत में ब्रॉड गेज की ट्रैक चौड़ाई 1,676 मिमी होती है।
यह डिलीवरी भारत की रेल विनिर्माण क्षमता, निर्यात संभावनाओं और क्षेत्रीय सहयोग, तीनों को एक साथ रेखांकित करती है। बांग्लादेश रेलवे के लिए यह आधुनिक और सुरक्षित कोचों की उपलब्धता का संकेत है, जबकि भारत के लिए यह रेल उपकरण निर्यात में भरोसे और तकनीकी दक्षता का प्रमाण है।