चीन के पूर्व प्रधानमंत्री झू रोंगजी का निधन, आर्थिक सुधारों की विरासत याद की जा रही है
चीन के पूर्व प्रधानमंत्री झू रोंगजी का बीजिंग में 12 अगस्त 2026 को निधन हो गया। वे चीन के पांचवें प्रधानमंत्री थे और 1998 से 2003 तक देश की सरकार का नेतृत्व किया। झू रोंगजी को चीन के आर्थिक सुधारों, वित्तीय अनुशासन और विश्व व्यापार व्यवस्था में देश की भूमिका बढ़ाने वाले नेताओं में गिना जाता है।
शंघाई से केंद्र तक पहुंचा राजनीतिक सफर
झू रोंगजी ने राष्ट्रीय नेतृत्व में आने से पहले शंघाई में अहम प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं। वे 1988 से 1991 तक शंघाई के मेयर और पार्टी सचिव रहे। इसके बाद 1993 से 1995 के बीच उन्होंने पीपल्स बैंक ऑफ चाइना के गवर्नर के रूप में काम किया, जो चीन की मौद्रिक नीति और वित्तीय प्रशासन से जुड़ा शीर्ष पद है।
इन भूमिकाओं ने उन्हें आर्थिक प्रबंधन और प्रशासनिक सख्ती के लिए पहचान दिलाई। बाद में जब वे प्रधानमंत्री बने, तब उनके सामने चीन की तेज़ी से बदलती अर्थव्यवस्था को अधिक प्रतिस्पर्धी और नियंत्रित ढांचे में ढालने की चुनौती थी।
1990 के दशक के सुधार और WTO में प्रवेश
1990 के दशक के उत्तरार्ध में झू रोंगजी ने ऐसे आर्थिक सुधारों का नेतृत्व किया, जिनके तहत हजारों अलाभकारी राज्य-स्वामित्व वाले उद्यम बंद किए गए। इन सुधारों का उद्देश्य सरकारी क्षेत्र पर बोझ कम करना, कर्ज घटाना और निजी क्षेत्र को विस्तार का अवसर देना था। हालांकि इन कदमों के साथ बड़े पैमाने पर छंटनी भी हुई, जिससे सामाजिक स्तर पर गंभीर असर पड़ा।
झू रोंगजी की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में चीन को विश्व व्यापार संगठन यानी WTO में शामिल कराने की प्रक्रिया में उनकी केंद्रीय भूमिका मानी जाती है। चीन दिसंबर 2001 में WTO का सदस्य बना। WTO अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नियमों से जुड़ा संगठन है, जो 1 जनवरी 1995 से कार्यरत है। चीन के लिए यह कदम वैश्विक अर्थव्यवस्था में गहराई से जुड़ने का निर्णायक मोड़ था।
आधिकारिक शोक संदेश और उम्र को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट
चीनी राज्य मीडिया और स्थानीय एजेंसियों ने झू रोंगजी की उम्र 98 वर्ष बताई, जबकि कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में उनकी जन्मतिथि 23 अक्टूबर 1928 के आधार पर 97 वर्ष का उल्लेख किया गया। उनके निधन पर चीन की शीर्ष संस्थाओं ने संयुक्त शोक संदेश जारी किया, जिसमें CPC केंद्रीय समिति, राष्ट्रीय जन कांग्रेस की स्थायी समिति, राज्य परिषद और CPPCC की राष्ट्रीय समिति शामिल थीं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- झू रोंगजी चीन के पांचवें प्रधानमंत्री थे और उन्होंने 17 मार्च 1998 से 16 मार्च 2003 तक पद संभाला।
- राज्य परिषद चीन की सर्वोच्च प्रशासनिक संस्था है, जो सरकार के कार्यों का संचालन करती है।
- पीपल्स बैंक ऑफ चाइना चीन का केंद्रीय बैंक है और देश की मौद्रिक नीति से जुड़ा प्रमुख संस्थान है।
- चीन दिसंबर 2001 में विश्व व्यापार संगठन का सदस्य बना था।
झू रोंगजी का नाम चीन के उस दौर से जुड़ा है जब देश ने आर्थिक अनुशासन, औद्योगिक पुनर्गठन और वैश्विक व्यापार में अधिक सक्रिय भागीदारी की दिशा में बड़े फैसले लिए। उनके निधन के साथ चीन के आधुनिक आर्थिक इतिहास के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो गया।