तेलंगाना का 5 GW डेटा सेंटर लक्ष्य, एआई निवेश का नया केंद्र बनेगा राज्य

तेलंगाना का 5 GW डेटा सेंटर लक्ष्य, एआई निवेश का नया केंद्र बनेगा राज्य

तेलंगाना ने 2029 तक 5 GW हाइपरस्केल डेटा सेंटर क्षमता हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। राज्य सरकार इस लक्ष्य को कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल अवसंरचना में करीब 30 अरब डॉलर के संभावित निवेश से जोड़कर देख रही है। हैदराबाद और राज्य के अन्य हिस्सों में बड़े वैश्विक और भारतीय ऑपरेटरों की परियोजनाएं इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

डेटा सेंटर क्षमता क्यों बन रही है रणनीतिक मुद्दा

डेटा सेंटर क्षमता आमतौर पर मेगावाट या गीगावाट में मापी जाती है, जिसे IT लोड कहा जाता है। यह उस बिजली क्षमता को दर्शाता है जो कंप्यूटिंग उपकरणों के लिए उपलब्ध होती है। हाइपरस्केल डेटा सेंटर बड़े पैमाने की ऐसी सुविधाएं होती हैं, जो क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा स्टोरेज और भारी डिजिटल सेवाओं के लिए बनाई जाती हैं। एआई के बढ़ते उपयोग के साथ इन केंद्रों की मांग तेजी से बढ़ी है, क्योंकि इन्हें उच्च-घनत्व GPU, उन्नत कूलिंग और बड़े कंप्यूटिंग संसाधनों की जरूरत होती है।

तेलंगाना में निवेश की रफ्तार

24 सितंबर 2026 तक तेलंगाना में 2.5 GW से अधिक डेटा सेंटर क्षमता या तो चालू थी या विकासाधीन थी। इसी दिन माइक्रोसॉफ्ट ने राज्य में अपना India South Central data centre region शुरू किया, जो भारत में उसके 20.5 अरब डॉलर के निवेश वादे का हिस्सा है। इससे पहले 5 सितंबर 2026 को तेलंगाना ने टाटा समूह, TCS और HyperVault की ओर से हैदराबाद में एक एआई डेटा सेंटर कैंपस के लिए 70,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। इस प्रस्तावित कैंपस की क्षमता 1 GW तक रखने की योजना है और इसका लक्ष्य 2 जून 2028 तक उद्घाटन का है।

एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर पर राज्य की बड़ी योजना

तेलंगाना में नई परियोजनाएं अब केवल पारंपरिक एंटरप्राइज डेटा जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि एआई-स्केल कंप्यूट, हाई-डेंसिटी GPU, हाइपरस्केल क्लाउड और एडवांस्ड कूलिंग सिस्टम को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं। फॉर्च्यून हॉस्पिटैलिटी एंड इंफ्रा ने भी राज्य में 170 एकड़ का हाइपरस्केल एआई डेटा सेंटर पार्क बनाने की योजना बनाई है, जिसमें शुरुआती निवेश 60,000 करोड़ रुपये बताया गया है। यह परियोजना 1,200-1,600 MW IT लोड के लिए डिजाइन की गई है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • हाइपरस्केल डेटा सेंटर बड़े क्लाउड और डिजिटल प्लेटफॉर्म की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाए जाते हैं।
  • GPU का पूरा नाम Graphics Processing Unit है और इसका उपयोग एआई तथा मशीन लर्निंग कार्यों में व्यापक रूप से होता है।
  • डेटा सेंटर क्षमता को अक्सर MW या GW में मापा जाता है, जो IT लोड को दर्शाता है।
  • हैदराबाद भारत के प्रमुख डेटा सेंटर हब्स में शामिल है, क्योंकि यहां कनेक्टिविटी, बिजली उपलब्धता और तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत है।

वैश्विक कंपनियों की मौजूदगी से बढ़ी प्रतिस्पर्धा

तेलंगाना में माइक्रोसॉफ्ट के अलावा AWS, Iron Mountain, CtrlS, Sify, TCL, NTT DATA और CapitaLand जैसी कंपनियां भी बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं। राज्य की योजना के तहत Telangana Data Exchange के जरिए sovereign AI-grade computing, AI-ready datasets, सब्सिडाइज्ड GPU access और sandbox tools उपलब्ध कराने की तैयारी है। ICAN, जो राज्य की एआई नवाचार इकाई है, का लक्ष्य 2035 तक तेलंगाना को दुनिया के शीर्ष 20 एआई हब्स में शामिल करना है। कुल मिलाकर, तेलंगाना का यह लक्ष्य सिर्फ डेटा सेंटर विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एआई, क्लाउड और डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़े आधार के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले वर्षों में यह राज्य को भारत के सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर केंद्रों में और मजबूत कर सकता है।

Originally written on September 24, 2026 and last modified on September 24, 2026.

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