दवा मूल्य नियंत्रण: एनपीपीए ने 39 नई दवा फॉर्मूलेशनों की खुदरा कीमतें तय कीं
भारत में आवश्यक दवाओं को आम लोगों की पहुंच में बनाए रखने के उद्देश्य से राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने 8 जुलाई 2026 को 39 नई दवा फॉर्मूलेशनों की खुदरा कीमतें निर्धारित की हैं। यह निर्णय ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 के तहत लिया गया है। नई मूल्य निर्धारण सूची में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, एचआईवी, हृदय रोग, नेत्र संक्रमण, कैंसर, मिर्गी, दर्द प्रबंधन और विटामिन की कमी जैसी विभिन्न बीमारियों के उपचार में उपयोग होने वाली दवाएं शामिल हैं। इस कदम का उद्देश्य मरीजों पर उपचार का आर्थिक बोझ कम करना और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) क्या है?
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (National Pharmaceutical Pricing Authority – NPPA) रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग के अधीन कार्य करने वाली एक नियामक संस्था है। इसका मुख्य कार्य ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 के अंतर्गत अनुसूचित दवाओं की कीमत तय करना, उनमें संशोधन करना तथा मूल्य नियंत्रण संबंधी प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करना है।
ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 का महत्व
ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत जारी किया गया है। इस आदेश के पैरा 5, 11 और 15 में नई दवा फॉर्मूलेशनों की खुदरा कीमत तय करने तथा संबंधित मूल्य नियंत्रण प्रक्रिया का कानूनी ढांचा निर्धारित किया गया है। यह व्यवस्था आवश्यक दवाओं की कीमतों को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मूल्य निर्धारण और अनुपालन के प्रमुख नियम
एनपीपीए द्वारा अधिसूचित खुदरा कीमतें वस्तु एवं सेवा कर (GST) को छोड़कर लागू होती हैं। सभी निर्माताओं को संशोधित मूल्य सूची इंटीग्रेटेड फार्मास्यूटिकल डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम (IPDMS) के माध्यम से जारी करनी होती है तथा उसकी प्रतियां राज्य औषधि नियंत्रकों और डीलरों को भेजनी होती हैं। वहीं, खुदरा विक्रेताओं और डीलरों के लिए अपने प्रतिष्ठानों पर नई मूल्य सूची को प्रमुखता से प्रदर्शित करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन होने पर अधिक वसूली गई राशि को ब्याज सहित जमा कराना पड़ सकता है।
अधिसूचित दवाओं का चिकित्सीय दायरा
इन 39 नई फॉर्मूलेशनों में हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी रोग, संक्रमण, कैंसर, तंत्रिका संबंधी रोग और पोषण संबंधी कमी के उपचार में उपयोग होने वाली दवाएं शामिल हैं। इनमें टेनेक्टेप्लेस (TNK-tPA) इंजेक्शन जैसी थ्रोम्बोलाइटिक थेरेपी में प्रयुक्त दवा भी शामिल है, जिसकी खुदरा कीमत 60,238.27 रुपये प्रति वायल निर्धारित की गई है। इसके अलावा, उच्च रक्तचाप के उपचार में प्रयुक्त एम्लोडिपिन, बिसोप्रोलोल और टेल्मिसार्टन के संयोजन वाली एक टैबलेट की खुदरा कीमत कुछ अधिसूचनाओं में 14.74 रुपये प्रति टैबलेट निर्धारित की गई है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) की स्थापना वर्ष 1997 में दवाओं की कीमतों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से की गई थी।
- ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 आवश्यक दवाओं की कीमत तय करने का प्रमुख कानूनी ढांचा है।
- टेनेक्टेप्लेस (Tenecteplase) एक “क्लॉट-बस्टिंग” दवा है, जिसका उपयोग हृदयाघात जैसी आपात स्थितियों में रक्त के थक्के घोलने के लिए किया जाता है।
- नई दवा फॉर्मूलेशन की खुदरा कीमत तय करना और पहले से निर्धारित कीमत में कटौती करना दो अलग-अलग नियामकीय प्रक्रियाएं हैं।
एनपीपीए का यह निर्णय आवश्यक दवाओं को अधिक किफायती बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मूल्य नियंत्रण व्यवस्था न केवल मरीजों को राहत देती है, बल्कि दवा बाजार में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करती है। साथ ही, आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत निर्धारित दंडात्मक प्रावधान यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी निर्माता या विपणन कंपनी अधिसूचित कीमतों से अधिक वसूली न कर सके।