झारखंड में भर्ती परीक्षाओं पर बड़ा फैसला, JSSC-CGL और TDPL से जुड़ी प्रक्रियाएं रद्द

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं पर बड़ा फैसला, JSSC-CGL और TDPL से जुड़ी प्रक्रियाएं रद्द

झारखंड सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों के बीच बड़ा कदम उठाते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (JSSC-CGL) और 2014 से TSR Data Processing Private Limited (TDPL) से जुड़ी सभी परीक्षाओं, परिणामों और चयन प्रक्रियाओं को रद्द कर दिया है। यह फैसला 17 अगस्त 2026 को रांची में हुई करीब पांच घंटे की विशेष कैबिनेट बैठक में लिया गया।

लंबे आंदोलन के बाद सरकार का सख्त रुख

यह निर्णय ऐसे समय में आया जब भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन 24 दिनों से जारी था। छात्र संगठनों ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे और कई स्तरों पर जांच की मांग की थी। इसी दबाव के बीच सरकार ने न केवल मौजूदा विवादित प्रक्रियाओं को रद्द किया, बल्कि पूरे सिस्टम की समीक्षा का रास्ता भी खोला।

रांची के सदर अस्पताल में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 16 दिन की भूख हड़ताल 17 अगस्त को समाप्त की। दूसरी ओर, जिन सफल अभ्यर्थियों को पहले ही नियुक्ति मिल चुकी थी, उन्होंने भी प्रोजेक्ट भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इससे साफ हुआ कि यह विवाद केवल परीक्षा रद्द होने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े चयन और नियुक्ति के भविष्य पर भी असर पड़ सकता है।

जांच, समिति और सुधार की तैयारी

मुख्यमंत्री ने राज्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) और अपराध जांच विभाग (CID) को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है, जो परीक्षा व्यवस्था में संरचनात्मक सुधारों के सुझाव देगी।

सरकार का यह कदम संकेत देता है कि अब केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि 2014 के बाद आयोजित पूरी भर्ती व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। TDPL को लेकर उठे सवालों के कारण राज्य सरकार ने उससे जुड़ी सभी परीक्षाओं, परिणामों और चयन प्रक्रियाओं को अमान्य घोषित कर दिया है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला

JSSC झारखंड में सरकारी पदों पर भर्ती कराने वाली प्रमुख संस्था है। CGL परीक्षा राज्य सेवाओं में स्नातक स्तर की रिक्तियों के लिए एक अहम प्रतियोगी परीक्षा मानी जाती है। ऐसे में इस परीक्षा का रद्द होना हजारों अभ्यर्थियों को प्रभावित करता है।

यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि छात्र लंबे समय से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच की मांग कर रहे थे। हालांकि अभी सरकार ने SIT और CID जांच का रास्ता चुना है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच से क्या निष्कर्ष निकलते हैं और नई भर्ती प्रक्रिया किस तरह पारदर्शी बनाई जाती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • झारखंड भारत के पूर्वी भाग में स्थित राज्य है और इसकी राजधानी रांची है।
  • JSSC यानी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग राज्य स्तर की भर्ती परीक्षाएं आयोजित करता है।
  • CGL परीक्षा स्नातक स्तर के सरकारी पदों के लिए आयोजित की जाने वाली प्रतियोगी परीक्षा है।
  • SIT और CID, दोनों जांच एजेंसियां जटिल या संवेदनशील मामलों की जांच में उपयोग की जाती हैं।

इस फैसले ने झारखंड की भर्ती व्यवस्था को नए सिरे से जांच के दायरे में ला दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जांच और सुधार की प्रक्रिया कितनी जल्दी और कितनी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ती है।

Originally written on August 18, 2026 and last modified on August 18, 2026.

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