आरटीआई अपीलों के लिए CIC का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म

आरटीआई अपीलों के लिए CIC का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म

केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने सूचना के अधिकार से जुड़ी दूसरी अपीलों और शिकायतों की प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल, तेज और पारदर्शी बनाने के लिए अपील एंड कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम 2.0 (AppCoMS 2.0) लॉन्च किया है। यह नया पोर्टल 17 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में शुरू किया गया।

AppCoMS 2.0 से क्या बदलेगा

AppCoMS 2.0, CIC का उन्नत ऑनलाइन केस-मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए दूसरी अपीलों और शिकायतों का पंजीकरण, सुनवाई की तारीख तय करना, नोटिस जारी करना और आदेश अपलोड करना जैसे काम डिजिटल तरीके से किए जाएंगे। इससे आरटीआई मामलों की ट्रैकिंग पहले से अधिक व्यवस्थित होगी और आवेदकों को अपने केस की स्थिति ऑनलाइन देखने की सुविधा मिलेगी।

नए सिस्टम में आवेदकों के लिए अलग यूजर अकाउंट बनाए गए हैं, जो ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर से जुड़े होंगे। इसके जरिए वे अपील दाखिल कर सकेंगे, केस की टाइमलाइन देख सकेंगे और नोटिस तथा निर्णय डाउनलोड कर सकेंगे।

सीपीआईओ और डिजिटल सिग्नेचर की भूमिका

पोर्टल में सार्वजनिक प्राधिकरणों के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारियों (CPIOs) के लिए भी विशेष खाते जोड़े गए हैं। इन खातों के माध्यम से सीपीआईओ केस से जुड़ी जानकारी देख सकेंगे और आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।

इसके साथ ही डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट्स (DSCs) को भी प्लेटफॉर्म में जोड़ा गया है, ताकि आधिकारिक नोटिस और आदेशों पर डिजिटल हस्ताक्षर किए जा सकें। यह व्यवस्था दस्तावेजों की प्रामाणिकता और प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद करेगी।

आरटीआई ढांचे में CIC की अहमियत

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 नागरिकों को सार्वजनिक प्राधिकरणों से जानकारी मांगने का वैधानिक अधिकार देता है। इस कानून के तहत पहले अपील, दूसरी अपील और शिकायत की व्यवस्था है। केंद्रीय स्तर पर दूसरी अपीलों और शिकायतों की सुनवाई केंद्रीय सूचना आयोग करता है, इसलिए यह आरटीआई प्रणाली का शीर्ष अपीलीय मंच माना जाता है।

आयोग ने 4 अगस्त 2026 को दूसरी अपीलों और शिकायतों की ऑनलाइन फाइलिंग फिर से शुरू की थी। साथ ही, 1 अगस्त 2026 से जारी और डाक से भेजे गए निर्णयों को भी नए पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया तय की गई है। 4 अगस्त 2026 से 16 अगस्त 2026 के बीच की गई प्रस्तुतियों को भी लॉन्च के बाद नए सिस्टम में प्रोसेस किया जाएगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • केंद्रीय सूचना आयोग की स्थापना सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत हुई थी।
  • आरटीआई कानून में पहली अपील के बाद दूसरी अपील केंद्रीय सूचना आयोग के समक्ष दायर की जाती है।
  • केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी (CPIO) सार्वजनिक प्राधिकरणों में सूचना उपलब्ध कराने के लिए नामित अधिकारी होता है।
  • डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट्स का उपयोग भारत में इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणीकरण के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत किया जाता है।

AppCoMS 2.0 के जरिए CIC ने आरटीआई प्रक्रिया को अधिक डिजिटल और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इससे अपील और शिकायतों के निपटारे में पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

Originally written on August 18, 2026 and last modified on August 18, 2026.

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