जीआईएफटी आईएफएससी में साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण को नई मजबूती

जीआईएफटी आईएफएससी में साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण को नई मजबूती

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स (एनआईएसएम) ने जीआईएफटी इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (आईएफएससी) के लिए साइबर सुरक्षा और साइबर लचीलापन विषयक दो प्रमाणन पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इनकी शुरुआत 12 अक्टूबर 2026 को एनआईएसएम के निदेशक शशि कृष्णन और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) के अध्यक्ष के. राजारामन ने की। दोनों पाठ्यक्रम इस वित्तीय केंद्र से जुड़ी संस्थाओं में साइबर जोखिमों की समझ और उनसे निपटने की तैयारी को मजबूत करने पर केंद्रित हैं।

वित्तीय केंद्रों के लिए विशेष पाठ्यक्रम

पाठ्यक्रमों के नाम एनआईएसएम-आईएफएससीए-02ए (बेसिक) और एनआईएसएम-आईएफएससीए-02बी (एडवांस्ड) हैं। बेसिक प्रमाणन 18 नवंबर 2026 से और एडवांस्ड प्रमाणन 30 दिसंबर 2026 से लागू होगा। जीआईएफटी आईएफएससी में वित्तीय सेवाओं से जुड़ी संस्थाएं डिजिटल प्रणालियों पर निर्भर हैं; ऐसे में साइबर हमले, डेटा सुरक्षा और परिचालन में व्यवधान से जुड़े जोखिमों की पहचान करना महत्वपूर्ण है। इन पाठ्यक्रमों में सामान्य साइबर जागरूकता के साथ संस्थागत तैयारी और नियामकीय अपेक्षाओं को भी शामिल किया गया है।

बेसिक प्रमाणन में क्या पढ़ाया जाएगा

बेसिक पाठ्यक्रम में साइबर खतरे, शासन और जोखिम प्रबंधन, सुरक्षा संरचना, परिसंपत्ति व पहुंच प्रबंधन, तीसरे पक्ष से जुड़े जोखिम, अनुप्रयोग और डेटा सुरक्षा, कमजोरियों का प्रबंधन, साइबर स्वच्छता तथा घटना के बाद प्रतिक्रिया और पुनर्बहाली शामिल हैं। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम कंप्यूटिंग से जुड़ी साइबर सुरक्षा चुनौतियों का परिचय भी दिया जाएगा।

इस परीक्षा में एक अंक के 50 प्रश्न होंगे और इसके लिए 60 मिनट मिलेंगे। प्रमाणपत्र पाने के लिए कम से कम 50 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं। परीक्षा शुल्क कर सहित 1,180 रुपये है और प्रमाणपत्र दो वर्ष तक वैध रहेगा।

एडवांस्ड पाठ्यक्रम का फोकस

एडवांस्ड प्रमाणन पहले से साइबर सुरक्षा की जानकारी रखने वालों के लिए तैयार किया गया है। इसमें शासन, जोखिम प्रबंधन, साइबर घटना से निपटने की तैयारी, लचीलापन, प्रमुख क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा के उपयोग और जीआईएफटी आईएफएससी की संस्थाओं पर लागू नियामकीय आवश्यकताओं को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य केवल खतरे पहचानना नहीं, बल्कि व्यवधान के दौरान आवश्यक सेवाएं बनाए रखने और घटना के बाद संचालन बहाल करने की समझ विकसित करना है।

एडवांस्ड परीक्षा में 80 बहुविकल्पीय और तीन केस-आधारित प्रश्न होंगे। अवधि दो घंटे है और उत्तीर्ण होने के लिए कम से कम 60 प्रतिशत अंक लाने होंगे। शुल्क कर सहित 2,950 रुपये है तथा प्रमाणपत्र तीन वर्ष के लिए मान्य होगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • एनआईएसएम की स्थापना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 2006 में की थी।
  • अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण अधिनियम 2019 में पारित हुआ था।
  • आईएफएससीए भारत के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों में वित्तीय उत्पादों, सेवाओं और संस्थाओं का नियमन करता है।
  • जीआईएफटी आईएफएससी गुजरात के गांधीनगर स्थित गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी में है।

एनआईएसएम और आईएफएससीए की यह पहल वित्तीय क्षेत्र में साइबर जोखिमों के लिए प्रशिक्षित क्षमता विकसित करने की दिशा में है। दोनों प्रमाणनों के अलग-अलग स्तर, परीक्षा प्रारूप और वैधता अवधि हैं।

Originally written on October 12, 2026 and last modified on October 12, 2026.

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