जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय: आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए निःशुल्क आवासीय शिक्षा की अनूठी पहल
उत्तर प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से कमजोर एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय (जेपीएनएसवी) योजना का संचालन कर रही है। इन विद्यालयों का प्रबंधन उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है। इस योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा के साथ छात्रावास, भोजन, वर्दी, पुस्तकें, स्टेशनरी और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण उनकी शिक्षा प्रभावित न हो।
जेपीएनएसवी योजना की संरचना
जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय पूर्णतः आवासीय विद्यालय हैं, जहां अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) तथा सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को शिक्षा दी जाती है। वर्तमान में राज्य में 101 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 69 विद्यालय बालकों के लिए तथा 32 विद्यालय बालिकाओं के लिए हैं। इन विद्यालयों का उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के बच्चों को समान अवसर उपलब्ध कराना तथा उनकी शैक्षणिक प्रगति सुनिश्चित करना है।
पात्रता और प्रवेश प्रक्रिया
जेपीएनएसवी में प्रवेश के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। इसके साथ ही छात्र को कक्षा 5 उत्तीर्ण होना चाहिए। परिवार की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में 46,080 रुपये तथा शहरी क्षेत्रों में 56,460 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन 20 जनवरी 2026 से शुरू हुए थे और 20 फरवरी 2026 तक स्वीकार किए गए। प्रवेश परीक्षा का आयोजन 15 मार्च 2026 को किया गया।
आरक्षण और शैक्षणिक सुविधाएं
जेपीएनएसवी विद्यालयों में प्रवेश के लिए निर्धारित आरक्षण व्यवस्था लागू है। कुल सीटों में 60 प्रतिशत अनुसूचित जाति, 25 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग तथा 15 प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित हैं। इन विद्यालयों में कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों को नीट, जेईई और सीयूईटी जैसी प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क कोचिंग भी उपलब्ध कराई जाती है। इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और पेशेवर पाठ्यक्रमों में प्रवेश की बेहतर तैयारी का अवसर मिलता है।
उत्तर प्रदेश में अन्य आवासीय शिक्षा मॉडल
राज्य में अटल आवासीय विद्यालय भी आवासीय शिक्षा का एक महत्वपूर्ण मॉडल हैं, जिनका उद्देश्य श्रमिक एवं वंचित वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। इसके अतिरिक्त सीएम कंपोजिट स्कूल योजना का भी विस्तार किया जा रहा है। पिछले वर्ष प्रत्येक जिले में दो विद्यालय स्थापित किए गए थे और वर्तमान वर्ष में प्रत्येक जिले में दो और विद्यालय शुरू करने की योजना बनाई गई है। राज्य सरकार के अनुसार स्कूल शिक्षा पर 80,000 करोड़ रुपये से अधिक का व्यय किया जा रहा है तथा वर्ष 2017 से पहले लगभग 19 प्रतिशत रहा छात्र ड्रॉपआउट दर घटकर 3 प्रतिशत तक आ गई है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- जेपीएनएसवी का पूरा नाम जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय है।
- इन विद्यालयों का संचालन उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाता है।
- नीट, जेईई और सीयूईटी भारत में उच्च शिक्षा के प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं हैं।
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग भारतीय संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त सामाजिक श्रेणियां हैं।
जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। निःशुल्क आवासीय शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसी व्यवस्थाएं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य बनाने का अवसर प्रदान कर रही हैं।