आंध्र प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब मिलेगा मूंगफली-मिलेट-गुड़ चिक्की, छात्रों के पोषण पर सरकार का नया कदम
आंध्र प्रदेश सरकार ने छात्रों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 6 जुलाई 2026 से सरकारी स्कूलों में दोक्का सीतम्मा मध्याह्न भोजन योजना के तहत मूंगफली-मिलेट-गुड़ चिक्की की शुरुआत की है। यह नया पौष्टिक नाश्ता पहले दी जाने वाली पारंपरिक मूंगफली-गुड़ चिक्की का स्थान लेगा। नई चिक्की को मूंगफली, विभिन्न प्रकार के मिलेट (मोटे अनाज) और गुड़ की चाशनी से तैयार किया जाता है, जिससे इसमें पोषक तत्वों की मात्रा पहले की तुलना में अधिक हो जाती है।
दोक्का सीतम्मा मध्याह्न भोजन योजना क्या है?
दोक्का सीतम्मा मध्याह्न भोजन योजना आंध्र प्रदेश सरकार की सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए संचालित प्रमुख पोषण योजना है। इसके अंतर्गत स्कूलों और जूनियर कॉलेजों में छात्रों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने खाद्य सामग्री की खरीद, आपूर्ति और वितरण की व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया है, ताकि विद्यार्थियों को नियमित रूप से संतुलित आहार मिल सके। इस योजना का उद्देश्य केवल भूख मिटाना नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण स्तर और विद्यालयों में उपस्थिति में सुधार करना भी है।
नई मिलेट चिक्की की विशेषताएँ
नई मूंगफली-मिलेट-गुड़ चिक्की में मूंगफली, विभिन्न मिलेट और गुड़ का उपयोग किया गया है। मिलेट के शामिल होने से इसमें आहार रेशा (डाइटरी फाइबर) और कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है, जो बच्चों की हड्डियों के विकास और पाचन तंत्र के लिए लाभकारी मानी जाती है। सरकार ने इस पौष्टिक नाश्ते को सप्ताह में तीन दिन विद्यार्थियों को परोसने का निर्णय लिया है। इससे बच्चों को नियमित रूप से अतिरिक्त पोषण उपलब्ध होगा और संतुलित आहार सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
पोषण से जुड़ी अन्य पहल
अक्षय पात्र फाउंडेशन भी राज्य में बच्चों के पोषण को बेहतर बनाने के लिए मिलेट आधारित खाद्य पदार्थ उपलब्ध करा रहा है। 31 मार्च 2026 तक संस्था सरकारी मेन्यू के साथ सप्ताह में तीन दिन मिलेट चिक्की वितरित कर रही थी। इसके अलावा, फाउंडेशन ने 3 दिसंबर 2025 को विशाखापट्टनम में मॉर्निंग न्यूट्रिशन कार्यक्रम शुरू किया था। इस पहल के तहत 321 सरकारी स्कूलों के लगभग 49,000 बच्चों को प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार और शनिवार मिलेट आधारित पौष्टिक नाश्ता उपलब्ध कराया जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- मिलेट (मोटे अनाज) में प्रमुख रूप से रागी, ज्वार और बाजरा शामिल हैं।
- गुड़ गन्ने के रस या ताड़ के रस से तैयार किया जाने वाला अपरिष्कृत प्राकृतिक शर्करा उत्पाद है।
- भारत में मध्याह्न भोजन योजनाओं का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में बच्चों के पोषण स्तर और उपस्थिति में सुधार करना है।
- रागी कैल्शियम से भरपूर मिलेट माना जाता है और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।
आंध्र प्रदेश सरकार की यह नई पहल बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने और मिलेट जैसे पारंपरिक पौष्टिक अनाजों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल विद्यार्थियों को अधिक संतुलित आहार मिलेगा, बल्कि स्वस्थ खान-पान की आदतों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।