जननी डिजिटल प्लेटफॉर्म से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
भारत सरकार ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से 7 मई 2026 को नई दिल्ली में “जननी” डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। Ministry of Health and Family Welfare द्वारा शुरू किया गया यह प्लेटफॉर्म गर्भवती महिलाओं, माताओं और नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर प्रबंधन और निगरानी के लिए विकसित किया गया है। JANANI का पूरा नाम “जर्नी ऑफ एंटीनैटल, नैटल एंड नियोनेटल इंटीग्रेटेड केयर” है। यह प्लेटफॉर्म देशभर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य रिकॉर्ड को एकीकृत डिजिटल प्रणाली के माध्यम से सुरक्षित और व्यवस्थित रखने का कार्य करेगा।
आरसीएच पोर्टल का उन्नत संस्करण
जननी प्लेटफॉर्म को रीप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ यानी आरसीएच पोर्टल के उन्नत संस्करण के रूप में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य महिलाओं के प्रजनन काल के दौरान उनके स्वास्थ्य संबंधी दीर्घकालिक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है। यह प्रणाली गर्भवती महिलाओं, माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ती है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित की जा सके।
जननी प्लेटफॉर्म की प्रमुख डिजिटल सुविधाएं
जननी प्लेटफॉर्म में कई आधुनिक डिजिटल सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इसमें क्यूआर कोड आधारित डिजिटल मदर एंड चाइल्ड हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराया गया है, जिससे स्वास्थ्य रिकॉर्ड को आसानी से एक्सेस किया जा सकेगा। इसके अलावा हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के लिए स्वचालित अलर्ट, डिलीवरी की संभावित तिथि से जुड़े रिमाइंडर और स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए रियल-टाइम डैशबोर्ड जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। यह प्लेटफॉर्म U-WIN और POSHAN Abhiyaan के साथ भी एकीकृत किया गया है, जो टीकाकरण और पोषण सेवाओं से जुड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम हैं।
लाभार्थी पंजीकरण और आंकड़े
जननी प्लेटफॉर्म में लाभार्थियों का पंजीकरण एबीएचए, आधार सत्यापन और मोबाइल आधारित प्रणालियों के माध्यम से किया जा रहा है। एबीएचए यानी Ayushman Bharat Health Account डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड को जोड़ने के लिए उपयोग किया जाता है। 7 मई 2026 तक इस प्लेटफॉर्म पर 1.34 करोड़ लाभार्थियों का पंजीकरण हो चुका था। इसके अंतर्गत 30 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं का रिकॉर्ड दर्ज किया गया तथा 30 लाख से ज्यादा डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी किए गए। साथ ही एक लाख से अधिक बायोमेट्रिक सत्यापन भी पूरे किए गए।
भारत में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं
भारत में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में प्रसव पूर्व देखभाल, संस्थागत प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल, टीकाकरण और पोषण सहायता जैसी सेवाएं शामिल हैं। डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म इन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लाभार्थी डेटाबेस, बायोमेट्रिक सत्यापन और मोबाइल रिकॉर्ड जैसी तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- JANANI का पूरा नाम “जर्नी ऑफ एंटीनैटल, नैटल एंड नियोनेटल इंटीग्रेटेड केयर” है।
- एबीएचए का अर्थ आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट होता है।
- यू-विन प्लेटफॉर्म भारत में टीकाकरण सेवाओं से जुड़ा डिजिटल सिस्टम है।
- पोषण अभियान महिलाओं और बच्चों के पोषण सुधार से संबंधित भारत का प्रमुख मिशन है।
भारत में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है और जननी प्लेटफॉर्म इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यह प्रणाली मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।