गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार 2026 में छह महिला पर्यावरण रक्षकों को सम्मान
वर्ष 2026 का गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार, जिसे अक्सर “ग्रीन नोबेल” कहा जाता है, इस बार पूरी तरह महिलाओं के नाम रहा। दुनिया के छह अलग-अलग क्षेत्रों से छह महिला पर्यावरण रक्षकों को उनके जमीनी स्तर पर किए गए असाधारण कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। यह पहली बार है जब इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के सभी विजेता महिलाएं बनी हैं, जो वैश्विक जलवायु और संरक्षण आंदोलनों में महिलाओं की बढ़ती नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।
यह पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिया जाता है जो पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता बचाने और स्थानीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करते हैं। वर्ष 2026 का यह चयन इस बात को भी मजबूत करता है कि टिकाऊ पर्यावरणीय बदलाव अक्सर स्थानीय स्तर के आंदोलनों से ही शुरू होते हैं।
कोलंबिया की युवा कार्यकर्ता ने रोका फ्रैकिंग प्रोजेक्ट
इस वर्ष की प्रमुख विजेताओं में 24 वर्षीय कोलंबियाई कार्यकर्ता युवेलिस नतालिया मोरालेस ब्लांको शामिल हैं। उन्होंने कोलंबिया की सबसे बड़ी नदी मैग्डालेना नदी के किनारे हाइड्रोलिक फ्रैक्चरिंग यानी फ्रैकिंग परियोजनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने 2019 में AguaWil नामक युवा आंदोलन की सह-स्थापना की, जब सरकार ने Ecopetrol और ExxonMobil समर्थित पायलट फ्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। स्थानीय लोगों को डर था कि इससे नदी की जैव विविधता, भूजल और आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। लगातार विरोध, जनजागरूकता और कानूनी संघर्ष के कारण फ्रैकिंग के व्यावसायिक विस्तार को रोका गया। हालांकि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलीं और फ्रांस में शरण लेनी पड़ी, फिर भी उन्होंने अपना अभियान जारी रखा।
फ्रैकिंग क्या है और विवाद क्यों है
हाइड्रोलिक फ्रैक्चरिंग या फ्रैकिंग एक ऐसी तकनीक है, जिसमें भूमिगत शेल चट्टानों से तेल और प्राकृतिक गैस निकालने के लिए उच्च दबाव से पानी, रेत और रसायनों को इंजेक्ट किया जाता है। इससे चट्टानें टूटती हैं और ईंधन बाहर निकलता है।
आलोचकों का मानना है कि इस प्रक्रिया से भूजल प्रदूषित हो सकता है, पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंच सकता है और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। कोलंबिया में मैग्डालेना नदी बेसिन के लिए यही सबसे बड़ी चिंता थी, क्योंकि यह क्षेत्र जैव विविधता और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अन्य वैश्विक विजेता और उनका योगदान
दक्षिण कोरिया की बोरिम किम ने युवा जलवायु मुकदमे के माध्यम से संवैधानिक न्यायालय को अधिक मजबूत उत्सर्जन लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित किया। यूनाइटेड किंगडम की सारा फिंच ने सरे क्षेत्र में तेल ड्रिलिंग के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी।
अमेरिका की अलानाह अकाक हर्ली ने अलास्का की पेबल माइन परियोजना को रोकने में योगदान दिया। नाइजीरिया की इरोरो तांशी ने संकटग्रस्त शॉर्ट-टेल्ड राउंडलीफ चमगादड़ की रक्षा की। वहीं पापुआ न्यू गिनी की थियोनिला रोका मातबोब ने पंगुना खदान से हुए पर्यावरणीय नुकसान के लिए रियो टिंटो पर जवाबदेही सुनिश्चित करने का अभियान चलाया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार को अक्सर “ग्रीन नोबेल” कहा जाता है।
- यह पुरस्कार हर वर्ष दुनिया के छह क्षेत्रों के जमीनी स्तर के पर्यावरण कार्यकर्ताओं को दिया जाता है।
- मैग्डालेना नदी कोलंबिया की सबसे बड़ी नदी है और जैव विविधता का प्रमुख केंद्र मानी जाती है।
- फ्रैकिंग में भूमिगत शेल संरचनाओं को उच्च दबाव वाले द्रव से तोड़कर तेल और गैस निकाली जाती है।
अर्थ डे 2026 के संदेश के अनुरूप यह पुरस्कार दिखाता है कि पर्यावरण संरक्षण की सबसे प्रभावी लड़ाई स्थानीय समुदायों के नेतृत्व में लड़ी जाती है। चाहे नदियों की रक्षा हो, जंगलों का संरक्षण हो या आदिवासी भूमि के अधिकार—स्थायी समाधान उन्हीं लोगों से आते हैं जो समस्या के सबसे करीब होते हैं। गोल्डमैन पर्यावरण पुरस्कार 2026 इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक पर्यावरणीय प्रगति की नींव अक्सर स्थानीय संघर्ष और सामुदायिक नेतृत्व पर टिकी होती है।