फैक्ट ने कोच्चि के उद्योगमंडल संयंत्र में डीएपी उर्वरक उत्पादन शुरू किया
फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर लिमिटेड ने 15 मई 2026 को अपने उद्योगमंडल संयंत्र में डाय-अमोनियम फॉस्फेट यानी डीएपी उर्वरक का उत्पादन शुरू कर दिया। कोच्चि स्थित इस संयंत्र को डीएपी निर्माण की अनुमति 24 अप्रैल 2026 को न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी योजना के तहत प्रदान की गई थी। यह कदम देश में उर्वरक उत्पादन क्षमता बढ़ाने और किसानों को आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या है डीएपी उर्वरक?
डाय-अमोनियम फॉस्फेट एक प्रमुख फॉस्फेट आधारित उर्वरक है, जिसका उपयोग कृषि क्षेत्र में नाइट्रोजन और फॉस्फोरस की आपूर्ति के लिए किया जाता है। यह फसल उत्पादन बढ़ाने और पौधों की जड़ों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डीएपी को “कॉम्प्लेक्स फर्टिलाइजर” की श्रेणी में रखा जाता है क्योंकि इसमें एक से अधिक प्राथमिक पोषक तत्व मौजूद होते हैं। भारत में गेहूं, धान, गन्ना और अन्य कई फसलों में इसका व्यापक उपयोग किया जाता है।
फैक्ट और उसकी भूमिका
फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर लिमिटेड यानी फैक्ट भारत का एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है, जिसकी स्थापना वर्ष 1943 में हुई थी। इसका मुख्यालय केरल के कोच्चि में स्थित है और यह रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है। फैक्ट देश में जटिल उर्वरक, सीधे उर्वरक, जैव उर्वरक, जैविक उर्वरक और आयातित उर्वरकों के उत्पादन और विपणन में सक्रिय भूमिका निभाता है। उद्योगमंडल स्थित इसका संयंत्र केरल के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में गिना जाता है।
न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी योजना क्या है?
न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी योजना के तहत सरकार उर्वरक निर्माताओं को विभिन्न पोषक तत्वों के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को उचित कीमत पर उर्वरक उपलब्ध कराना और संतुलित पोषक तत्वों के उपयोग को बढ़ावा देना है। यह योजना मुख्य रूप से यूरिया रहित उर्वरकों पर लागू होती है और इसके माध्यम से फॉस्फेट एवं पोटाश आधारित उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाती है।
कृषि क्षेत्र में डीएपी का महत्व
भारत में कृषि उत्पादन काफी हद तक उर्वरकों की उपलब्धता पर निर्भर करता है। डीएपी जैसे फॉस्फेटिक उर्वरक मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और पौधों के समुचित विकास में मदद करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू स्तर पर डीएपी उत्पादन बढ़ने से आयात पर निर्भरता कम हो सकती है और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- फैक्ट का पूरा नाम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर लिमिटेड है।
- फैक्ट की स्थापना वर्ष 1943 में हुई थी।
- उद्योगमंडल संयंत्र केरल के कोच्चि में स्थित है।
- डीएपी एक फॉस्फेटिक कॉम्प्लेक्स उर्वरक है, जिसमें नाइट्रोजन और फॉस्फोरस दोनों होते हैं।
फैक्ट द्वारा उद्योगमंडल संयंत्र में डीएपी उत्पादन शुरू किया जाना भारत की उर्वरक उत्पादन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता बेहतर होने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।