भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड में इतिहास रचा, एनडीए की पहली महिला बैच बनी सेना अधिकारी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 13 जून 2026 को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की पासिंग आउट परेड की समीक्षा की। इस अवसर पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई, जब राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की पहली महिला बैच की नौ कैडेट भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त कर सेना का हिस्सा बनीं। यह भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और लैंगिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
भारतीय सैन्य अकादमी का महत्व
भारतीय सैन्य अकादमी (Indian Military Academy – IMA) उत्तराखंड के देहरादून में स्थित भारतीय सेना का प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान है। यहां अधिकारी कैडेटों को सेना में कमीशन प्राप्त करने से पहले सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है। आईएमए की पासिंग आउट परेड प्रशिक्षण पूर्ण होने का प्रतीक होती है और इसी के साथ कैडेट भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में अपना सैन्य जीवन शुरू करते हैं।
एनडीए की पहली महिला बैच ने रचा इतिहास
इस परेड की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी की पहली महिला बैच का सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होना रहा। इन नौ महिला कैडेटों ने सफलतापूर्वक अपना प्रशिक्षण पूरा किया और भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया। यह पहली बार है जब एनडीए से प्रशिक्षित महिला कैडेट भारतीय सेना में अधिकारी बनी हैं। इस उपलब्धि को भारतीय रक्षा इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
महिलाओं के लिए एनडीए के द्वार कैसे खुले?
अगस्त 2021 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने महिलाओं को एनडीए प्रवेश परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। इस निर्णय के बाद महिलाओं के लिए राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश का मार्ग खुला और पहली महिला बैच ने एनडीए में प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके परिणामस्वरूप अब महिला कैडेट सेना, वायुसेना और अन्य रक्षा सेवाओं में अधिकारी के रूप में योगदान दे रही हैं।
पासिंग आउट परेड में शामिल कैडेट
वर्ष 2026 की इस पासिंग आउट परेड में कुल 515 अधिकारी कैडेट प्रशिक्षण पूर्ण कर भारतीय सेना का हिस्सा बने। इनमें 481 भारतीय जेंटलमैन कैडेट और 16 मित्र देशों से आए 34 विदेशी कैडेट शामिल थे। विदेशी कैडेटों की भागीदारी भारत और अन्य देशों के बीच रक्षा सहयोग और सैन्य प्रशिक्षण संबंधों को भी दर्शाती है।
भारतीय वायुसेना में भी हुई महिलाओं की नियुक्ति
एनडीए की पहली महिला बैच की पांच अन्य कैडेटों को हैदराबाद के डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी में भारतीय वायुसेना के अधिकारी के रूप में कमीशन प्रदान किया गया। इस प्रकार पहली महिला एनडीए बैच की कैडेट विभिन्न रक्षा सेवाओं में अधिकारी के रूप में नियुक्त होकर सशस्त्र बलों की नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
महिला सशक्तिकरण और रक्षा क्षेत्र
भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी रक्षा क्षेत्र में समान अवसरों की दिशा में महत्वपूर्ण परिवर्तन का संकेत है। एनडीए में महिलाओं के प्रवेश और अब उनके अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त करने से आने वाली पीढ़ियों की महिला अभ्यर्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी। यह कदम भारतीय रक्षा संस्थानों को अधिक समावेशी और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की स्थापना वर्ष 1932 में देहरादून में हुई थी।
- राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) महाराष्ट्र के खड़कवासला में स्थित है।
- अगस्त 2021 में सर्वोच्च न्यायालय ने महिलाओं को एनडीए प्रवेश परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी थी।
- वर्ष 2026 में एनडीए की पहली महिला बैच की नौ कैडेट भारतीय सेना में अधिकारी बनीं।
- इस पासिंग आउट परेड में कुल 515 अधिकारी कैडेट पास आउट हुए।
- वायुसेना अकादमी तेलंगाना के डुंडीगल में स्थित है।
- 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी इस परेड का हिस्सा थे।
भारतीय सैन्य अकादमी की यह पासिंग आउट परेड भारतीय रक्षा इतिहास में एक विशेष स्थान रखती है। एनडीए की पहली महिला बैच का सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होना न केवल महिलाओं की उपलब्धि है, बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों में समावेशिता और समान अवसरों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी है। यह उपलब्धि भविष्य में रक्षा सेवाओं में महिलाओं की भूमिका को और अधिक मजबूत बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी।